13 जनवरी 2019 - 16:45
ग़ज़्ज़ा, मीज़ाइल हमले के बाद तनाव बढ़ा, नेतनयाहू के त्यागपत्र की मांग बढ़ी

ज़ायोनी शासन ने शनिवार की रात दावा किया कि ज़ायोन आबादी के क्षेत्र के सेदूत नक़ब पर राकेट हमला किया गया।

गज़्ज़ा के निकट ज़ायोनी आबादी पर मीज़ाइल हमले का सायरब बजने के बाद अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के त्यागपत्र दे चुके युद्धमंत्री ने एक बार फिर इस्राईल के मंत्रीमंडल के त्यागपत्र की आवश्यकता पर बल दिया है।

एविग्डर लेबरमैन ने कहा कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामीन नेतेनयाहू ने ज़ायोनी आबादी के क्षेत्रों में ख़तरे को इस्राईलियों के जीवन का भाग बना दिया है।

ज़ायोनी सेना ने ग़ज़्ज़ा से मिलने वाली सीमा के निकट स्थित ज़ायोनी आबादी के क्षेत्रों में इस्राईलियों से कहा कि वह शरणस्थलों में शरण लें।

उधर ज़ायोनी सैनिकों ने रविवार की सुबह रामल्लाह के विभिन्न क्षेत्रों पर धावा बोल दिया जिसमें सात फ़िलिस्तीनी घायल हो गये।

यह ऐसी हालत में है कि पश्चिमी जार्डन के विभिन्न क्षेत्रों को ज़ायोनी सैनिकों ने अतिक्रमण का निशाना बनाते हुए सात फ़िलिस्तीनियों को हिरासत में ले लिया। ज़ायोनी सैनिकों की रिपोर्ट के अनुसार इन फ़िलिस्तीनियों को क़ेलक़ेलिया और फ़ाएज़ नेज़ाल में उनके घरों पर हमला करके हिरासत में लिया गया।

उधर बैते लहम के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र तक़ूअ पर ज़ायोनी सैनिकों ने हमला करके एक 16 वर्षीय फ़िलिस्तीनी को गिरफ़्तार कर लिया।