ईरान अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा और विकास को अपनी सुरक्षा और विकास समझता है। यह वह विषय है जिस पर ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अली शमख़ानी ने अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के साथ भेंट में बल दिया।
श्री शमख़ानी ने इसी प्रकार पड़ोसी देशों के साथ समस्त क्षेत्रों में संबंध विस्तार को तेहरान की परिवर्तित न होने वाली नीति बताया।
उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने इसी प्रकार अपनी काबुल यात्रा के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई सहित दूसरे वरिष्ठ अफ़ग़ान अधिकारियों से भी भेंटवार्ता की। इस भेंटवार्ता का केन्द्रीय बिन्दु अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा की स्थापना था।
वास्तविकता यह है कि अमेरिका कभी भी अफ़ग़ानिस्तान की जनता का शुभचिंतक नहीं रहा है और अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति का परिणाम केवल अशांति व असुरक्षा में वृद्धि के अलावा कुछ और नहीं है। आतंकवाद से मुकाबले के बारे में अमेरिका का दोहरा मापदंड और क्षेत्र में उसकी उपस्थिति क्षेत्र में संकट उत्पन्न होने का एक मुख्य कारण है।
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने अभी हाल ही में कहा था कि अमेरिका क्षेत्र में शांति नहीं देखना चाहता है और वह चाहता है कि क्षेत्र की सरकारें और राष्ट्र आपस में उलझे रहें ताकि वे दुष्ट साम्राज्यवाद यानी जायोनिज़्म से मुकाबले के बारे में सोंचे ही न। इसलिए अमेरिका का समर्थन प्राप्त आतंकवादियों के लिए शीया- सुन्नी में कोई अंतर नहीं है और वे आम लोगों को लक्ष्य बनाते हैं चाहे वे शीया हों या सुन्नी।
ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने भी बुधवार को काबुल में पत्रकारों के साथ अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी गुटों के गठन के बारे में महत्वपूर्ण बिन्दु की ओर संकेत किया और कहा कि जैसाकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसी प्रकार उनसे पहले के अमेरिकी राष्ट्राध्यक्षों ने कहा है कि दाइश सहित आतंकवादी गुटों को अमेरिका ने बनाया है।
बहरहाल इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अपने व्यवहार से सिद्ध कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ है और इराक तथा सीरिया में आतंकवाद से मुकाबले में अपनी रचनात्मक भूमिका का निर्वाह किया है।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा की स्थापना का विषय ईरान के लिए सदैव महत्वपूर्ण रहा है इसलिए तेहरान ने इस संबंध में कभी भी किसी प्रकार के प्रयास में संकोच से काम नहीं लिया है।