27 दिसंबर 2018 - 18:03
योरोप में अमरीकी परमाणु हथियार की तैनाती का जर्मनी कड़ा विरोधी

जर्मनी ने, रूस-अमरीका के बीच शीत युद्ध के दौरान हथियारों के नियंत्रण वाली संधि के ख़त्म होने की स्थिति में, अमरीकी हथियारों की योरोप में तैनाती का विरोध किया है।

जर्मन विदेश मंत्री हेको मास ने जर्मन प्रेस एजेंसी डीपीए से इंटरव्यू में बुधवार को कहा कि किसी भी हालत में योरोप को सशस्त्रीकरण बहस का मंच नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति के रूस के साथ हुयी न्यूक्लियर फ़ोर्सेज़ ट्रीटी आईएनएफ़ से अमरीका को निकालने के एलान के दो महीने के बाद कहाः "नई मध्यम दूरी के मीज़ाईल की तैनाती का जर्मनी की ओर से कड़ा विरोध होगा।"

ग़ौरतलब है कि 1986 में तत्कालीन सोवियत संघ के राष्ट्रपति मीख़ाईल गोर्बाच्योफ़ और तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति रोनल्ड रीगन ने आईएनएफ़ संधि पर दस्तख़त किए थे। इस संधि में 310 से 3420 मील की मारक क्षमता वाले, ज़मीन पर तैनात होने वाले सभी मीज़ाईलों के इस्तेमाल पर कि जिसमें परमाणु वारहेड्स ले जाने वाले या पारंपरिक मीज़ाईल शामिल हैं, प्रतिबंध लगा था। इस संधि के नतीजे में अमरीका और रूस ने 2692 मीज़ाईल ख़त्म कर दिए थे।

उधर रूस ने अमरीका के आईएनएफ़ से निकलने के एलान के अंजाम की ओर से चेतावनी दी है।