प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इस्राईल के प्रधानमंत्री नेतनयाहू के बड़े बेटे “याएर नेतनयाहू” अपने बाप के पदचिन्हों पर चलते हुए मुसलमानों से दुश्मनी के सारे रेकॉर्ड तोड़ देना चाहते हैं। याएर नेतनयाहू ने हाल ही में मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर उगलते हुए कहा है कि इस्राईल में उस समय तक शांति स्थापित नहीं हो सकती जब तक तमाम मुसलमान फ़िलिस्तीन छोड़कर चले न जाएं।
सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर याएर नेतनयाहू ने एक पोस्ट किया है जिसमें लिखा है कि “इस इलाक़े में उस समय तक शांति स्थापित नहीं हो सकती जब तक तमाम यहूदी अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन से न निकल जाएं या फिर जब तक तमाम मुसलमान फ़िलिस्तीन छोड़कर न निकल जाएं।” उन्होंने लोगों से कहा है कि वह अपनी राय दें इस पोस्ट पर। याएर ने साथ ही यह भी लिखा है कि वह दूसरे विकल्प का चयन कर रहे हैं।
नेतनयाहू के बड़े बेटे ने मुस्लिम विरोधी सुर में कहा कि मैं समझता हूं कि इस इलाक़े में अगर शांति स्थापित करना है तो मुसलमानों को जाना होगा। उन्होंने कहा कि इस्राईल को शांति चाहिए और उसके लिए एक भी मुसलमान अगर रहेगा तो शांति नहीं मिल पाएगी।
दूसरी ओर जहां नेतनयाहू के बेटे की सांप्रदायिक पोस्ट की चौतरफ़ा कड़े शब्दों में निंदा हो रही है वहीं सोशल मीडिया साइट फेसबुक ने भी उनकी इस पोस्ट पर संज्ञान लिया और उसे तानाशाही यथार्थवादी सोच बताते हुए डिलीट कर दिया।