अमरीकी सेना का कहना है कि उसने तुर्क सैनिकों और अमरीका समर्थित कुर्द मिलिटेंट्स के बीच टकराव रोकने के कथित उद्देश्य के लिए उत्तरी सीरिया में निगरानी चौकियां बनायी हैं, हालांकि अंकारा ने अमरीका की इस योजना का कड़ाई से विरोध किया था।
अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रॉब मैनिंग ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति में कहाः "रक्षा मंत्री जेम्ज़ मैटिस के निर्देश पर अमरीका ने पूर्वोत्तरी सीरिया के सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी चौकियां बनायी हैं ताकि अपने नेटो घटक तुर्की की चिंता दूर हो सके।"
अमरीकी सेना का यह बयान ऐसी हालत में सामने आया है कि तुर्क रक्षा मंत्री हुलूसी अकर ने शुक्रवार को सीरिया के मामले में अमरीका के विशेष दूत जेम्ज़ जैफ़्री से अंकारा में मुलाक़ात में वॉशिंग्टन से इन कथित निगरानी चौकियों को ख़त्म करने की मांग की थी जो उत्तरी सीरिया में तुर्की की सीमा के निकट हैं।
इससे पहले अकर ने यह भी कहा था कि तुर्की सीरिया में निगरानी चौकी बनाने की अमरीकी योजना पर अपनी चिंता जता चुका है। तुर्की की नज़र में अमरीका के इस क़दम से यह संदेश जाता है कि अमरीका किसी न किसी तरह से वाईपीजी के आतंकियों की रक्षा कर रहा है।
तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चाऊश ओग़लू ने इसी महीने सीरिया में वाईपीजी के मिलिटेंट्स को अमरीकी समर्थन की बहुत बड़ी ग़लती के रूप में आलोचना की थी। यह वह मुद्दा है जो अमरीका-तुर्की के बीच संबंध में कांटा बना हुआ है।