10 दिसंबर 2018 - 17:01
अमरीकी कांग्रेस में सऊदी अरब को लेकर है गहरा आक्रोश, सऊदी अरब को दंडित करने की बढ़ रही है मांग, बिन सलमान के चक्कर में ट्रम्प भी

अमरीकी कांग्रेस में सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या और यमन युद्ध के मामलों को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। मीडिया में जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के लम्हों की आडियो भी आ गई है और ख़ाशुक़जी की चीख़ और उनके शरीर के टुकड़े किए जाने की आवाजें इस आडियो क्लिप में हैं।

जबकि इस पूरे प्रकरण के बारे में सीआईए प्रमुख जीना हैस्पेल अमरीकी कांग्रेस को विस्तार से ब्रीफ़िंग दे चुकी हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की दरिंदगी के बारे में हर तरफ़ चर्चा हो रही है।

रान पाल और लिंडसे ग्राहम हैसे वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसदों और अनेक डेमोक्रेट सांसदों ने ज़ोर देकर कहा है कि सऊदी अरब और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को दंडित करने के लिए क़दम उठाना ज़रूरी है।

ग्राहम ने फ़ाक्स न्यूज़ को साक्षात्कार देते हुए कहा कि कोई भी सेनेटर एसा नहीं है जिसे हैस्पेल की ब्रीफ़िंग सुनने के बाद इस बारे में विश्वास न कर चुका हो कि ख़ाशुक़जी की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि केवल ख़ाशुक़जी की हत्या नहीं हुई बल्कि दूसरे कई आलोचकों को देश के बाहर गिरफ़तार करने के बाद सऊदी अरब में ले जाकर जेलों में डाल दिया गया और सऊदी अधिकारियों ने तो लेबनान के प्रधानमंत्री को भी गिरफ़तार कर लिया जो बड़ी हैरत वाली बात है।

ग्राहम इससे पहले कह चुके हैं कि बिन सलमान मध्यपूर्व में एक विश्वंसकारी तत्व हैं उन्होंने वाशिंग्टन रियाज़ संबंधों को भारी नुक़सान पहुंचाया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी की बात की जाए तो उसके 11 नेताओं ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को एक पत्र लिखा है जिसमें साफ़ कहा गया है कि ख़ाशुक़जी की हत्या के मामले में बिन सलमान को बचाने की वाइट हाउस की कोशिश हमारे मूल्यों के लिए कलंक का टीका है।

अमरीकी सेनेट सऊदी अरब को अमरीका की सैनिक सहायता रोकने संबंधी प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दे चुकी है।

ट्रम्प प्रशासन अब भी इस कोशिश में है कि किसी तरह मुहम्मद बिन सलमान को बचा ले और यमन युद्ध में सऊदी अरब का सैनिक समर्थन भी जारी रखे।

ट्रम्प के इस रवैए से अमरीकी सांसदों में नाराज़गी है जबकि दूसरी ओर दो महिलाओं को यौन संबंधों के मामले में चुप कराने के लिए रिश्वत देने का प्रकरण भी ट्रम्प के गले की हड्डी बना हुआ है। एक डेमोक्रेट सांसद एडम शेफ़ ने कहा कि ट्रम्प को पद से हटाया भी जा सकता है और वह जेल भी जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को रिश्वत देने के मामले में न्याय मंत्रालय ने ट्रम्प के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाख़िल कर दी तो शायद ट्रम्प पहले एसे अमरीकी राष्ट्रपति बन जाएंगे जिन्हें जेल में जाना पड़े।

एडम शेफ़ के बारे में कहा जाता है कि वह अमरीकी प्रतिनिधि सभा की इंटैलीजेन्स मामलों की कमेटी की अध्यक्षता के प्रबल दावेदार हैं।

शनिवार को अमरीकी न्याय मंत्रालय के अधिकारी कह चुके हैं कि ट्रम्प ने यौन संबंधों के मामले में मुंह बंद रखने पर राज़ी करने के लिए दो महिलाओं को रिश्वत दिलवाई थी। अधिकारियों ने इस संदर्भ में कुछ साक्ष्य वाशिंग्टन की एक अदालत में शुक्रवार को पेश किए हैं।

एक और प्रकरण ट्रम्प के दामाद और सलाहकार जेयर्ड कुशनर और सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के आपसी संबंधों को लेकर भी शुरू हो गया है।

वाशिंग्टन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि डेमोक्रेटि पार्टी नेताओं ने दोनों के रिश्तों के बारे में जांच की मांग कर दी है। क्योंकि इस अमरीकी अख़बार की कई रिपोर्टो में यह कहा गया है कि कुशनेर और बिन सलमान के बीच जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के बाद लगातार संपर्क रहा है। अख़बार का कहना है कि वैसे तो यह संबंध पुराने हैं लेकिन जब जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का मामला सामने आया तो ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों ने बिन सलमान से मुंह मोड़ लिया मगर कुशनर का संपर्क जारी रहा और यह भी कहा जा रहा है कि कुशनर ने बिन सलमान को यह समझाया कि ख़ाशुक़जी हत्या कांड के बाद उठे तूफ़ान को किस तरह शांत करना है।