हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा है कि यमन पर सऊदी अरब के हमले को लगभग चार साल हो रहे हैं और यमन के नंगे पैर वालों ने अपने प्रतिरोध से और सेना के मीज़ाइलों को सक्रिय बना कर, सऊदी शासकों को कड़ा सबक़ सिखाया है। विदेश मुहम्मद जवाद मंत्री ज़रीफ़ ने भी एक ट्वीट करके यमन संकट के समाधान के लिए ईरान की चार सूत्रीय योजना के क्रियान्वयन पर बल दिया है।
ज्ञात रहे कि ईरान के विदेश मंत्री ने अप्रैल 2015 में यमन पर सऊदी अरब के नेतृत्व में अतिक्रमणकारी गठजोड़ के हमले शुरू होने के कुछ ही दिन बाद संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्कालीन महासचिव बान की मून एक पत्र लिख कर यमन की गंभीर स्थिति की ओर से सचेत किया था और कहा था कि तत्काल युद्ध विराम लागू करके, यथाशीघ्र मानवताप्रेमी सहायताएं भेज कर, सभी यमनी पक्षों के बीच राजनैतिक वार्ता आरंभ करके और एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार का गठन करके यमन में टिकाऊ शांति स्थापित की जा सकती है।