ईरान की न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई को अपराधियों की लिस्ट पेश की थी जो क्षमा पाने, अस्थायी रूप से सज़ा को रोकने या सज़ा में कमी के योग्य थे।
इन अपराधियों के ख़िलाफ़ आम अदालत, इस्लामी क्रान्ति की अदालत और फ़ौजी अदालत में मुक़द्दमा चला था।