हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार इराक़ के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने सोमवार को तेहरान में ईरान की विदेश नीति और क्षेत्रीय परिवर्तन तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस में भाषण देत ेहुए कहा कि यूरोपीय देश और परमाणु समझौते के अन्य सदस्यों को अपनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए परमाणु समझौते में ईरान के हितों की पूर्ती के लिए स्थिति अनुकूल बनाएं।
सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा कि यदि परमाणु समझौता समस्या का शिकार हो गया तो इससे यूरोप की सुरक्षा ख़तरे में पड़ जाएगी और यदि अमरीका यह सोचता है कि परमाणु समझौते के बिना पश्चिमी एशिया क्षेत्र और अधिक शांत और सुरक्षित हो जाएगा तो वह बहुत बड़ी ग़लती में हैं।
ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार ने यह बयान करते हुए कि पश्चिमी एशिया क्षेत्र भी विभिन्न प्रकार की समस्याओं के कारण अशांति का सामना कर रहा है, कहा कि यूरोप को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि क्या उनमें क्षेत्र में परमाणु संकट में वृद्धि होने तथा आतंकवाद और शरणार्थियों की नई लहरों का सामना करने की शक्ति है?
सैयद अब्बास इराक़ची ने ईरान की ओर से ईरान पर लगाए गये प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान से निकलने के लिए यूरोपीय कंपनियों पर अमरीकी वित्तमंत्रालय के दबाव से व्यवहारिक रूप से यूरोप की स्वाधीनता पर सवाल लग जाता है और यूरोप इस समय न केवल यह है कि परमाणु समझौते की रक्षा के प्रयास में है जबकि वह अपनी स्वाधीनता भी बचाने में व्यवस्त है।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध यद्यपि ईरान के लिए नुक़सानदेह है किन्तु इसका सबसे अधिक नुक़सान यूरोप को होगा।