संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने कहा कि इस्लामी क्रान्ति के बाद इस समय देश के हालात बहुत संवेदनशील हैं। उन्होंने अमरीकी प्रतिबंधों से निपटन के लिए कूटनीति तथा आंतरिक क्षमताओं को सक्रिय करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
डाक्टर लारीजानी ने पड़ोसी देशों के साथ ईरान के सहयोग का हवाला देते हुए कहा कि ईरान अपने बहुत से पड़ोसी देशों के साथ जिनकी संख्या 15 है अच्छा सहयोग रखता है और आर्थिक लेनदेन करता है।
ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रतिबंध लगाया है। अमरीकी सरकार इस कोशिश में है कि ईरान पर भारी आर्थिक दबाव डालकर अपनी ग़ैर क़ानूनी मांगे मनवाए लेकिन इस्लामी गणतंत्र ईरान शुरू से ही कहता आ रहा है कि किसी भी अनुचित मांग को कदापि स्वीकार नहीं करेगा।
इस्लामी गणतंत्र ईरान पिछले चालीस साल से अमरीका के प्रतिबंधों का सफलता के साथ सामना कर रहा है।