ओपेक में ईरान के वरिष्ठ अधिकारी हुसैन काज़िमपूर अर्दबेली ने तेल की कमी को दूर करने में तेल उत्पादक देशों की अक्षमता की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका, ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचाने के अपने लक्ष्य को कभी भी प्राप्त नहीं कर सकेगा।
उन्होंने शुक्रवार को रोइटर्ज़ से बात करते हुए कहा कि अमरीका को ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचाने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और ईरान के प्रतिस्पर्धी तेल उत्पादक देश और बाज़ार, तेहरान के तेल के रोके जाने से पैदा होने वाली कमी की भरपाई नहीं कर सकेंगे।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने 8 मई को ईरान के विरुद्ध निराधार आरोप लगाते हुए परमाणु समझौते से निकलने और ईरान पर प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने की घोषणा की थी। अमरीका ने परमाणु समझौते से निकलने के बाद अपने घटकों से कहा कि तेहरान के विरुद्ध आर्थिक प्रतिबंधों के एक भाग के तौर पर ईरान से तेल आयात को शून्य तक पहुंचा दें।
ईरान पर अमरीका के प्रतिबंधों के दूसरे चरण के लागू होने में अभी कुछ महीना बाक़ी है जो तेल की सप्लाई में कमी के कारण कच्चे तेल के मूल्यों में वृद्धि का कारण बनेगा। पिछले सप्ताह दुनिया के बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत प्रति बैरल लगभग 80 डाॅलर तक पहुंच गयी थी।