सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान के एक वरिष्ठ सलाहकार सऊद अल-क़हतानी का कहना है कि मैं सलवा द्वीप योजना पर काम शुरू होने का बहुत बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं, यह एक ऐतिहासिक परियोजना है, जिससे इलाक़े का भुगोल बदल जाएगा।
सऊदी अरब की इस योजना से दोनों देशों के बीच पिछले 14 महीने से जारी संकट और गहरा सकता है।
ग़ौरतलब है कि ईरान के साथ संबंध और आतंकवा के समर्थन जैसे आरोपों के चलते सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र ने जून 2017 में क़तर के साथ कूटनीतिक रिश्ते तोड़ लिए थे और उसकी ज़मीनी, वायु, और समुद्री घेराबंदी कर दी थी।
इससे पहले सऊदी अरब की सरकारी न्यूज़ वेबसाइट सब्क़ ने रिपोर्ट दी थी कि रियाज़ सरकार क़तर से मिलने वाली सीमा पर 60 किलोमीटर लम्बी और 200 मीटर चौड़ी नहर खोदने जा रहा है।
एक अनुमान के अनुसार, इस परियोजना पर 2.8 अरब डॉलर की लागत आ सकती है।
नहर खोदने के लिए विश्व स्तर की पांच कंपनियों से टेंडर मांगे गए हैं, सितम्बर में जिस कंपनी को यह परियोजना सौंपी जाएगी उसका नाम घोषित कर दिया जाएगा।