अमेरिका की “वॉशिंग्टन फ़्री बेकेन” नामक पत्रिका ने इस बात का रहस्योद्घाटन किया है कि अमेरिका के दो प्रमुख वित्तीय संस्थओं ने कहा है कि वह ट्रम्प प्रशासन द्वारा इस्लामी गणतंत्र ईरान की वित्तीय पहुंच को समाप्त करने वाले निर्णय के बाध्य नहीं हैं। पत्रिका के अनुसार “जेपी मोर्गन” और “सिटी बैंक” जो अमेरिका के स्विफ़्ट प्रणाली के प्रमुख सदस्य एवं वीत्तीय संस्थाएं हैं, दोनों ने एलान किया है कि वह अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में ईरान की पहुंच को रोकने वाले अमेरिका के फ़ैसले के लिए बाध्य नहीं हैं।
अमेरिका के इन दो प्रमुख वीत्तीय संस्थाओं द्वारा किए गए एलान के बाद जहां एक ओर ट्रम्प प्रशासन को एक ज़बरदस्त झटका लगा है वहीं दूसरी ओर जेपी मोर्गन और सिटी बैंक अब उन संस्थाओं और कंपनियों में शामिल हो गईं है जिन्होंने अमेरिका के ईरान विरोधी प्रतिबंधों को मानने से इंकार किया है।
दूसरी ओर व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने ईरान विरोधी अमेरिकी प्रतिबंधों को महत्व न देने वाली यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने उन देशों के प्रति भी चिंता व्यक्त की है जो अमेरिका के सहयोगी तो माने जाते हैं पर ईरान के ख़िलाफ़ उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को मानने से इंकार कर रहे हैं।
इस बीच अमेरिका के विदेश सचिव एवेस मेचल ने कहा है कि इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका ने 4190 प्रतिबंधों को लगा रखा है जिनमें से केवल रूस पर ही 580 प्रतिबंध हैं। ज्ञात रहे कि इस समय अमेरिका की प्रतिबंधों की नीति के ख़िलाफ़ पूरी दुनिया के देशों में काफ़ी चिंता पाई जा रही है और साथ ही दिन प्रतिदिन वॉशिंग्टन के प्रितबंधों के हथकंड़े के ख़िलाफ़ विरोध बढ़ता जा रहा है और यही कारण है कि इस समय अमेरिका विश्व में बिल्कुल अलग-थलग पड़ गया है।