20 अगस्त 2018 - 08:43
रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ म्यांमार की सेना के अपराधों के बारे में दहला देने वाली नई रिपोर्ट

एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के कुछ नए पहलुओं को प्रकाश में ले आई है।

कनाडा के ओंटारियो में स्थित ओंटारियो इंटरनेश्नल डेवलपमेंट एजेंसी (Ontario International Development Agency) ने रविवार को जारी होने वाली अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अगस्त 2017 से लेकर अब तक म्यांमार के सैनिकों के हाथों 24 हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुसलमान मारे गए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक़ एक लाख 14 हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों की म्यांमार के सैनिकों ने पाश्विक ढंग से पिटाई की है जबकि कई हज़ार को ज़िंदा जला दिया गया है।

 

इस रिपोर्ट में इसी तरह बताया गया है कि म्यांमार के सैनिकों ने लगभग 18 हज़ार रोहिंग्याई महिलाओं, युवतियों और छोटी बच्चियों का बलात्कार किया है। रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार के सैनिकों ने रोहिंग्या मुसलमानों के एक लाख 15 हज़ार घरों को आग लगा दी जबकि एक लाख 13 हज़ार घरों को ध्वस्त कर दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाल ही में घोषणा की थी कि म्यांमार की सेना रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय सफ़ाया करने चाहती है। 25 अगस्त 2017 से म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों ने रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ राख़ीन प्रांत में अमानवीय कार्यवाहियां शुरू की हैं।