अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबनाः प्राप्त सूत्रों के अनुसार अल जज़ीरा टीवी चैनल से सीधे बातचीत करते हुए मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दुल मुनइम अबुल फ़तह ने फ़िलिस्तीन के संकट हल करने में अरब देशों की भूमिका के हवाले से बातचीत करते हुए कहा कि बहुत सारे अरब देशों ने फ़िलिस्तीनी संकट को ध्यान देने लायक़ नहीं समझा है।
बल्कि कुछ अरब सरकार तो फ़िलिस्तीन के संकट और कुदस के ख़िलाफ़ प्रोपगंडा करने में लगे हुए हैं।
मैं कुछ अरब देशों को ज़ायोनी अरब का नाम देता हूं इसलिए कि वह फ़िलिस्तीन के ख़िलाफ़ प्रोपगंडा करते हैं और कुछ अरब जो यह कहते हैं कि ईरान अरबों का दुश्मन है वह अवश्य ही मूर्ख हैं।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस्राइल और ज़ायोनी सरकार हम अरबों की अकेली दुश्मन है, हमारा ईरान से कोई मतभेद नहीं है, मेरा यह कहना है कि अरब देशों, ईरान और तुर्की की आपसी एकता से मध्य पूर्व में स्थिरता स्थापित हो सकती है। जब तक इन तीनों लाबियों के बीच खींचातानी रहेगी मध्य पूर्व में स्थिरता का स्थापित होना संभव नहीं है, अतः अरब देशों, ईरान और तुर्की के बीच आपसी बातचीत होनी चाहिए।
13 फ़रवरी 2018 - 17:41
समाचार कोड: 881837
इस्राइल और ज़ायोनी सरकार हम अरबों की अकेली दुश्मन है, हमारा ईरान से कोई मतभेद नहीं है