3 अक्टूबर 2016 - 20:21
मोर्हरम के आगमन पर हज़रत इमाम हुसैन (अ) के गुंबद पर काला अलम लहराया।

साल भर इमाम हुसैन अ. के गुंबद पर लाल परचम स्थापित रहता है लेकिन इमाम हुसैन (अ) की शहादत की हिसाब से पहली मुहर्रम को लाल परचम की जगह काला परचम लगा दिया जाता है।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: सोमरिया की रिपोर्ट के अनुसार मुहर्रम की शुरुआत के अवसर पर रसूले ख़ुदा स. के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े के गुंबद से लाल परचम हटा कर उसकी जगह काला परचम लगा दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इराक़ की उच्च राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों और ज़ाएरीन की उपस्थिति में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के गुंबद पर लाल अलम की जगह काला अलम स्थापित कर दिया गया है। इस समारोह में आयतुल्लाह सीसतानी के प्रतिनिधि शेख अब्दुल महदी करबलाई ने संबोधित करते हुए कहा कि इराकी जनता इराक का चप्पा चप्पा, आईएस आतंकवादियों के क़ब्ज़े से मुक्त करा कर ही दम लेंगे और अगर आयतुल्लाह सीसतानी का फ़तवा न होता तो आईएस का बग़दाद और अन्य शहरों पर कब्जा हो गया होता। रिपोर्ट के अनुसार साल भर इमाम हुसैन अ. के गुंबद पर लाल परचम स्थापित रहता है लेकिन इमाम हुसैन (अ) की शहादत की हिसाब से पहली मुहर्रम को लाल परचम की जगह काला परचम लगा दिया जाता है।