31 मार्च 2015 - 08:58
आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी की सऊदी अधिकारियों को चेतावनी।

क़ुम के मशहूर मरजए तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शीराज़ी ने यमन पर जारी सऊदी आक्रामकता के खिलाफ बयान जारी करके सऊदी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि मज़लूम जनता का नरसंहार करने से बचें।

अहलेबैत अ. समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार क़ुम के मशहूर मरजए तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शीराज़ी ने यमन पर जारी सऊदी आक्रामकता के खिलाफ बयान जारी करके सऊदी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि मज़लूम जनता का नरसंहार करने से बचें।

उन्होंने अपने बयान में कहा है कि इस समय दुनिया में यह अजीब चलन चल गया है कि एक देश को अगर दूसरे देश के हालात अपने हित में नहीं लगते हैं तो वह बिना किसी तर्क के उस पर हमला कर देता है।

उन्होंने कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियों के कठपुतली इस्लामी देश दुनिया में अशांति फैला रहे हैं और मुसलमानों के बीच आतंकवादी टोलियां जन्म देकर एक दूसरे की हत्या करवा रहे हैं खुद मुसलमानों के हाथों उनके देशों को उजाड़ करा रहे हैं।

उन्होंने कहा है कि अजीब बात यह है इस्लाम का खुला दुश्मन इस्राईल खुल्लम खुल्ला यमन में सउदी आक्रामकता का समर्थन कर रहा है और सहयोग के लिए तैयार है लेकिन फिर भी मुसलमानों को शर्म नहीं आती।

आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने कहा कि इससे भी बदतर यह है कि जब भी किसी मज़लूम देश पर कोई आक्रमण करता है तो विश्व समाज तमाशाई बना रहता है और कोई भी मज़लूम की फरियाद नहीं सुनता।

उन्होंने कहा संयुक्त राष्ट्र तो केवल तथाकथित संस्था है और इसमें अब इतनी भी शक्ति नहीं रह गई है कि वह इस तरह की अवैध और गैरकानूनी गतिविधियों की निंदा कर सके।

शिया मरजा-ए-तक़लीद ने अपने बयान के अंत में कहा है कि सऊदी अधिकारी जान लें कि यदि यमन में आक्रामकता को नहीं रोका गया और जंग का यह सिलसिला जारी रहा तो दोनों देश वीरान हो कर रह जाएंगे। इसलिये वह अपनी योजना पर दोबारा नजर करे और इस आक्रामकता का सिलसिला जल्दी बंद करे।