यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के राजदूत जमाल बिन उमर ने बताया है कि देश को राजनैतिक संकट से निकालने के लिए समस्त राजनैतिक दल वार्ता प्रक्रिया आरंभ करने पर सहमत हो गये हैं जबकि संवैधानिक घोषणापत्र के आधार पर सर्वोच्च सुरक्षा समिति की पहली बैठक आयोजित हुई।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के राजदूत की ओर से की गयी घोषणा का स्वागत किया जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ के निरिक्षण में सभी राजनैतिक दलों की सम्मिलिति से वार्ता प्रक्रिया आरंभ किए जाने की बात कही गयी है।
बान की मून ने बल दिया कि संयुक्त राष्ट्र संघ, यमन के राजनैतिक संकट को दूर करने के लिए समस्त राजनैतिक दलों के साथ भरपूर सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने देश के समस्त राजनैतिक दलों से मांग की है कि वह फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद, राष्ट्रीय वार्ता कांफ़्रेंस, सहमति और राष्ट्रीय समझौते में बयान की गयी बातों के माध्यम से सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण का प्रयास करें।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने कहा कि देश के समस्त राजनैतिक दलों को सहमति तक पहुंचने के लिए सद्भावना और समझौते में वर्णित बातों पर कटिबद्ध होना चाहिए।
10 फ़रवरी 2015 - 07:52
समाचार कोड: 670275
यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के राजदूत जमाल बिन उमर ने बताया है कि देश को राजनैतिक संकट से निकालने के लिए समस्त राजनैतिक दल वार्ता प्रक्रिया आरंभ करने पर सहमत हो गये हैं जबकि संवैधानिक घोषणापत्र के आधार पर सर्वोच्च सुरक्षा समिति की पहली बैठक आयोजित हुई।