इराक़ के शहर फ़लोजा में आतंकवादी गुट आईएसआईएस ने जिहादुन निकाह से इंकार करने पर डेढ़ सौ औरतों की हत्या की है।
शफ़क़ समाचार वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार इराक़ के मानवाधिकार संस्था ने एक बयान में इराक़ के शहर फलोजा में आईएसआईएस की बर्बरता का उल्लेख करते हुए कहा है कि आतंकवादी गुट ने डेढ़ सौ जवान लड़कियों और गर्भवती औरतों को जिहादुन निकाह से इंकार के परिणाम स्वरूप बर्बर रूप से मार डाला है।
सूचना के अनुसार आईएसआईएस के कमांडर अबू अनस अललीबी ने फ़लोजा में उन 150 औरतों की हत्या की और फिर उन्हें दो सामूहिक कब्रों में दफ़ना दिया। सल्फ़ी और तकफीरी तत्व, इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए शिया, सुन्नियों, ईसाइयों और इराक़ के दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों की मर्यादा का अपमान कर रहे हैं और अपने सभी गंभीर अपराधों को इस्लाम की ओर निस्बत देते हैं जबकि इस्लाम ऐसे गंभीर अपराधों के सख्त खिलाफ़ है।
सूत्रों के अनुसार सल्फ़ी और तकफीरी तत्व पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, यमन, सोमालिया, केन्या में अपनी बर्बरता और ज़ालिमाना कार्रवाई जारी रखे हुए हैं और पाकिस्तान में 130 से अधिक स्कूल के मासूम बच्चों का नरसंहार भी इसी की एक कड़ी है जिससे मालूम होता है कि सल्फ़ी व तकफीरी तत्व इस्लामी, इंसानी और नैतिक मूल्यों से बहुत दूर हैं और यह लोग शैतान सिफ़त हैं जिनके पीछे साम्राज्यवादी एजेंसियों का हाथ है। ग़ौरतलब है कि प्रमाणित सूचना से यह साबित हुआ है कि सऊदी अरब इन सल्फ़ी व तकफीरी तत्वों का समर्थन करता रहा है।
18 दिसंबर 2014 - 09:53
समाचार कोड: 659110
इराक़ के शहर फ़लोजा में आतंकवादी गुट आईएसआईएस ने जिहादुन निकाह से इंकार करने पर डेढ़ सौ औरतों की हत्या की है।