13 दिसंबर 2014 - 20:05
करबला के ज़ाएरों में एक दिन की बच्ची भी मौजूद।

एक ईरानी महिला ने करबला के रास्ते में एक बच्ची को जन्म दिया। इस प्रकार यह बच्ची चेहलुम में करबला पहुंचने वाली सबसे छोडी ज़ाएर बन गई।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी; एक ईरानी महिला ने करबला के रास्ते में एक बच्ची को जन्म दिया।  इस प्रकार यह बच्ची चेहलुम में करबला पहुंचने वाली सबसे छोडी ज़ाएर बन गई।
उम्मुल बनीन नामक 27 वर्षीय ईरानी महिला इमाम हुसैन के चेहलुम के अज़ादारी में हिस्सा लेने के लिए पैदल करबला जा रही थी। रास्ते में उसने प्रसवपीड़ा का अहसास किया। इस ईरानी महिला को करबला के शहर के निकट एक अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसने 19 सफ़र को एक लड़की को जन्म दिया।
 अज़्ज़हरा अस्पताल के डाक्टर ग़ज़वान रियाज़ ने बताया कि उम्मुल बनीन ने आपरेशन के बिना एक सुन्दर सी बच्ची को जन्म दिया।  डा. ने बताया कि महिला ने अपनी बच्ची का नाम ज़हरा रखा।  उन्होंने कहा कि विशेष बात यह है कि उम्मुल बनीन ने बच्ची को जन्म देने के बाद इस बात पर बल दिया कि वह अस्पताल में नहीं रूकेगी और पैदल करबला जाकर इमाम हुसैन का चेहलुम वहीं मनाएगी।
उम्मुल बनीन के अधिक आग्रह पर उसे अस्पताल से जाने की अनुमति दे दी गई और वह अपनी नवजात बेटी को लेकर वहां से पैदल करबला चली गई जहां पर ज़हरा के साथ उसने चेहलुम के दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े की ज़ियारत की।