आतंकवादी संगठन आईएसआईएल ने अपनी करेंसी चलाने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि आईएसआईएल ने सोने और चांदी के दीनार तथा दिरहम को प्रचलित करने के प्रयास आरंभ कर दिये हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार आईएसआईएल, अपनी ख़िलाफ़त को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कार्य करना चाहता है। इराक़ के नैनवा प्रांत के मूसिल नगर में आईएसआईएल ने इस्लामी काल की सोने और चांदी की मुद्रा को प्रचलित करने की घोषणा मस्जिदों में की है।
आईएसआईएल की इच्छा है कि उस्मानिया काल में पहली बार जो सिक्के चलाए गए थे उन्हीं को उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में प्रचलित किया जाए। उस समय चलने वाले सोने के सिक्कों को दीनार और चांदी के सिक्कों को दिरहम कहा जाता था। बताया जा रहा है कि आगामी कुछ सप्ताहों में आईएसआईएल के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में दिरहम और दीनार चलन में आने लगेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने यह समाचार सामने आया था कि ब्लैक मार्केट में कच्चा तेल बेचकर आईएसआईएल को प्रतिदिन कम से कम 10 लाख डालर की आय हो रही है।
11 नवंबर 2014 - 19:19
समाचार कोड: 650849
आतंकवादी संगठन आईएसआईएल ने अपनी करेंसी चलाने की बात कही है।