10 नवंबर 2014 - 19:02
मस्क़त में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिये वार्ता जारी।

ओमान की राजधानी मसक़त में सोमवार को विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़, अमरीका के विदेशमंत्री जान कैरी और गुट पांच धन एक की समन्यवकर्ता कैथ्रीन एश्टन के मध्य तीसरे चरण की वार्ता संपन्न हुई।

ओमान की राजधानी मसक़त में सोमवार को विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़, अमरीका के विदेशमंत्री जान कैरी और गुट पांच धन एक की समन्यवकर्ता कैथ्रीन एश्टन के मध्य तीसरे चरण की वार्ता संपन्न हुई। सूत्रों के अनुसार वार्ता का यह चरण तीन घंटे तक चला। जवाद ज़रीफ़, जान कैरी और कैथ्रीन एश्टन के मध्य वार्ता का चौथा चरण स्थानीय समय के अनुसार शाम साढ़े पांच बजे आरंभ हो गया। पहले दिन की वार्ता दो चरणों में हुई थी जो लगभग छह घंटे तक जारी रही। अभी तक पहले दिन वार्ता के बारे में विस्तार से कुछ पता नहीं चल सका है।
सोमवार को होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता के बाद, मंगलवार को ज़रीफ़ और एश्टन की अध्यक्षता में ईरान व गुट पांच धन एक के विदेश उपमंत्रियों और सहायकों की बैठक होगी जिसमें दोनों पक्ष, वार्ता की हालिया प्रगतियों और दोनों देशों के विदेशमंत्रियों के मध्य होने वाली वार्ता के विस्तार से अवगत होंगे। ज्ञात रहे कि ईरान और गुट पांच धन एक इस प्रयास में हैं कि 24 नवंबर की निर्धारित समय सीमा से पहले समग्र समझौता हो जाए।
दूसरी ओर ओमान के विदेशमंत्री यूसुफ़ बिन अलवी ने कहा है कि वार्ता के दोनों पक्ष, परिणाम के बहुत ही निकट पहुंच चुके हैं। उन्होंने मसक़त में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अब तक जो सहमति हो गयी है उससे पहले वाली स्थिति की ओर पलटना बहुत कठिन होगा क्योंकि वार्ता के दोनों ही पक्ष परिणाम तक पहुंचने में बहुत गंभीर हैं और हम उनमें यह रुचि देख रहे हैं। ओमान के विदेशमंत्री ने कहा कि यह महत्त्वपूर्ण वार्ता, ओमान में होने वाली पहली वार्ता नहीं है बल्कि ओमान पिछले पांच वर्षों से दोनों पक्षों के मध्य सहमति के लिए अथक प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि अब तक जो सहमति हो चुकी है उससे वह बहुत संतुष्ट हैं।
यूसुफ़ बिन अलवी ने कहा कि वार्ता के दोनों ही पक्ष ने कोई गैरेंट पेश नहीं की है क्योंकि जिन मुद्दों पर वार्ता हो रही है वे बहुत ही संवेदनशील और महत्त्वपूर्ण हैं और उनमें से किसी एक की भी अनदेखी नहीं की जा सकती क्योंकि सब ही एक दूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं। उन्होंने एक बार फिर बल देकर कहा कि उनका देश, ईरान और पश्चिम के मध्य वार्ता के अन्य चरण की मेज़बानी करने को तैयार है क्योंकि उनका देश चाहता है कि ईरान के परमाणु मुद्दे का समाधान शीघ्र हो जाए।