6 नवंबर 2014 - 17:16
सुरक्षा परिषद में इस्राईल के खिलाफ़ जॉर्डन ने शिकायत की।

जॉर्डन ने कल एक पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पंद्रह सदस्यों से मांग की है कि वह मस्जिदे अक़सा पर ज़ायोनी सरकार के हमले जारी रहने के कारण, इस मस्जिद को पहुँचने वाले नुकसान के बारे इस हुकूमत से जवाब तलब करें

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्डन ने कल एक पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पंद्रह सदस्यों से मांग की है कि वह मस्जिदे अक़सा पर ज़ायोनी सरकार के हमले जारी रहने के कारण, इस मस्जिद को पहुँचने वाले नुकसान के बारे इस हुकूमत से जवाब तलब करें। जॉर्डेन ने इस पत्र में घोषणा की है कि मस्जिदे अक़सा पर इस्राईल के हमलों को बंद करने के लिए वह दूसरे क़ानूनी उपायों पर अमल करेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले मस्जिद अक़सा पर ज़ायोनियों के लगातार हमलों पर विरोध जताते हुए जॉर्डन ने तेल अवीव से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। संयुक्त राष्ट्र में जॉर्डन के राजदूत का कहना था कि जॉर्डन ने यह कदम बिना किसी भेदभाव के किया है और हरम शरीफ़ पर इस्राईली हमले के खिलाफ वह हर तरह की कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीनी दूत रियाद मंसूर ने मस्जिदे अक़सा के खिलाफ़ इस्राईली सरकार की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद को इस्राईल की आतंकवादी कार्यवाहियों को रुकवाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। गौरतलब है कि यहूदी बलों और चरमपंथी यहूदियों ने मस्जिदे अक़सा में ज़ायोनी शासन के अत्याचारों के खिलाफ धरना देने वाले फिलिस्तीनियों को जबरदस्ती उठाने के लिए धावा बोल दिया था।
मस्जिदे अक़सा के फिलिस्तीनी व्यवस्थापक उमर अलकसवानी ने बताया है कि पुलिस मस्जिद में प्रवेश कर गई थी और उसके साथ झड़पों में बीस लोग घायल हो गए हैं।