अबनाः फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास की सैन्य शाख़ा इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ब्रिगेड ने बृहस्पतिवार को अपने तीन वरिष्ठ कमान्डर की शहादत पर सांत्वना प्रकट की है।
फ़िलिस्तीनी इन्फ़ारमेश्न सेन्टर की रिपोर्ट के अनुसार ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों के हमले राएद अलअत्तार, मुहम्मद अबू शुमाला और मुहम्मद बरहूम शहीद हो गये। रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़्ज़ा के विभिन्न क्षेत्रों होने वाले हमलों में सात फ़िलिस्तीनी शहीद और 25 अन्य घायल हुए। चालीस वर्षीय राएद सुबही अहमद अल अत्तार क़स्साम ब्रिगेड की सैन्य परिषद के सदस्य थे और कई वर्षों से ज़ायोनी सैनिक उनको तलाश कर रहे थे।
ज़ायोनी सैनिक उन्हें सांप के सिर की संज्ञा देते थे। ज़ायोनी सैनिकों का दावा है कि वे कमान्डोज़ के प्रशिक्षण और शस्त्रों की तस्करी और ज़ायोनी सैनिक गिलआद शालीत के अपहरण में लिप्त थे। मुहम्मद अबू शुमाला दक्षिणी ग़ज़्ज़ा के कमान्डर थे और वे कई वर्षों से इस्राईल की गुप्तचर संस्था को वांटेड थे। वे नौ महीने तक ज़ायोनी शासन के जेल में बंद थे।
45 वर्षीय मुहम्मद बरहूम अल क़स्साम ब्रिगेड के संस्थापकों में थे और ज़ायोनी शासन की वांटेड लिस्ट में सबसे पहले उनका नाम था। वर्ष 1992 में ज़ायोनी एजेन्ट उनके पीछे लग गये जिसमें वह बच निकलने में सफल रहे और इसी कारण उन्होंने कई देशों की यात्राएं की और दूसरे इन्तेफ़ाज़ा के आरंभ होने के बाद स्वदेश लौट आये और फिर से ज़ायोनी शासन के विरुद्ध अपनी गतिविधियां आरंभ कर दीं।
अल क़स्साम ब्रिगेड ने अपने तीन वरिष्ठ कमान्डरों की शहादत पर एक शोक संदेश जारी किया और कहा कि ज़ायोनी शत्रु इसक़ी भारी क़ीमत चुकाने के लिए तैयार रहें।
22 अगस्त 2014 - 19:25
समाचार कोड: 632766
फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास की सैन्य शाख़ा इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ब्रिगेड ने बृहस्पतिवार को अपने तीन वरिष्ठ कमान्डर की शहादत पर सांत्वना प्रकट की है।