ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने बल दिया कि ग़ज़्ज़ा की जनता के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के अपराधों का कोई औचित्य नहीं है।
ईरानी राष्ट्रपति की वेबसाइट के अनुसार डाक्टर रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक के आरंभ में परिवेष्टन से घिरे ग़ज़्ज़ा की जनता पर ज़ायोनी शासन के पाश्विक हमलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि केवल जातीवादी व नस्लभेदी शासन ही दसियों हज़ार महिलाओं, पुरुषों और बेगुनाह बच्चों को अपने पाश्विक हमले का निशाना बना सकता है।
उन्होंने कहा कि तेल अवीव शासन के पास आम बेगुनाह नागरिकों पर रॉकेटों से हमले और उनका जनसंहार करने का कोई तर्क नहीं है और इस जनसंहार को कुछ व्यक्तियों की हत्या का बहाना नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन की पीड़ित जनता न सिर्फ़ यह कि ज़ायोनियों के बमबारी के निशाने पर है बल्कि उसे इतना कठोर आर्थिक परिवेष्टन का सामना है कि चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और खाद्य पदार्थ तक उस तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने इराक़ और सीरिया में आतंकवादी गतिविधियों को इस्लामी जगत की एक और समस्या बताया और कहा कि चरमपंथी तत्व साम्राज्यवादी कार्यक्रमानुसार इस्लाम के नाम पर इस्लाम के ख़िलाफ़ हथियार उठाए हुए हैं और मतभेद फैला रहे हैं और रक्तपात कर रहे हैं।
ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी
केवल इस्राईल जैसी जातीवादी हुकूमत ही बेगुनाह बच्चों को बना सकती है, निशाना।
16 जुलाई 2014 - 15:45
समाचार कोड: 624532
ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने बल दिया कि ग़ज़्ज़ा की जनता के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के अपराधों का कोई औचित्य नहीं है।