27 जून 2014 - 13:52
इराक़ में रौज़ों की सुरक्षा के लिये भारत से शिया ही नहीं सुन्नी व हिंदू भी तैयार।

हिंदुस्तान के लाखों स्वयंसेक जवान इराक़ में रौज़ों की रक्षा के लिए बेताब हैं। दिल्ली में स्थित एक शिया मुस्लिम धार्मिक संगठन के कार्यालय में अब तक हज़ारों जवान इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवादियों के हमलों से रौज़ों को बचाने के लिए अपना नामांकन करा चुके हैं।

हिंदुस्तान के लाखों स्वयंसेक जवान इराक़ में रौज़ों की रक्षा के लिए बेताब हैं। दिल्ली में स्थित एक शिया मुस्लिम धार्मिक संगठन के कार्यालय में अब तक हज़ारों जवान इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवादियों के हमलों से रौज़ों को बचाने के लिए अपना नामांकन करा चुके हैं।
इराक़ जाने के इच्छुक स्वयंसेवियों का कहना है कि ज़रूरत पड़ने पर वह तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए भी तैयार हैं। हिंदुस्तान की राजधानी नई दिल्ली समेत विभिन्न शहरों में इराक़ जाने के लिए तत्पर लाखों जवान यात्रा के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ पूरे कर चुके हैं।
धार्मिक संगठनों के अधिकारियों का कहना है कि हिंदुस्तानी सरकार की ओर से इजाज़त के बाद ही वह इन दस्तावेज़ों को नई दिल्ली में स्थित इराक़ के दूतावास में जमा करेंगे। उनका कहना है कि इराक़ में स्थित रौज़ों की रक्षा के लिए केवल शिया ही नहीं बल्कि सुन्नि मुसलमान और हिन्दु जवान भी इराक़ जाना चाहते हैं।

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