हिंदुस्तान के विदेश मंत्री सलमान ख़ुरशीद ने कहा है कि उनका मुल्क हमेशा ही एनपीटी के अनुसार शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए एटमिक एनिर्जी के इस्तेमाल के ईरान के अधिकार का समर्थक रहा है।उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ के साथ एक बैठक में ईरान और ग्रुप 5+1 के बीच गत नवम्बर में होने वाले परमाणु समझौते की सराहना की।ज्ञात रहे कि ईरान व ग्रुप 5+1 ने तेहरान के एटमिक प्रोग्राम के बारे में जेनेवा में चौबीस नवम्बर को एक आरंभिक सहमति पत्र पर दस्तख़त किए थे जिस पर बीस जनवरी से अमल शुरू हो गया है। दोनों पक्षों ने इसी तरह बीस फ़रवरी को वियाना में अपनी बातचीत का एक और चरण आयोजित किया था जिसमें तय पाया कि 17 मार्च से वह इसी शहर में दोबारा बातचीत जारी रखेंगे। ईरान व ग्रुप 5+1 के बीच, तेहरान के परमाणु मामले के समाधान के लिए आख़री सहमति तक पहुंचने के मक़सद से बातचीत जारी है।भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा कि ईरान, इलाक़े का एक प्रभावी मुल्क है और इलाक़े में शांति व स्थिरता बनाए रखने में योगदान दे सकता है। इस मुलाक़ात में ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने विभिन्न राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में तेहरान व नई दिल्ली के बढ़ते सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चरमपंथ और हिंसा, क्षेत्रीय देशों के समक्ष मुख्य चुनौती है और इससे निपटने के लिए उनके बीच क़रीब सहयोग बहुत ज़्यादा ज़रूरी है।
28 फ़रवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 510170
हिंदुस्तान के विदेश मंत्री सलमान ख़ुरशीद ने कहा है कि उनका मुल्क हमेशा ही एनपीटी के अनुसार शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए एटमिक एनिर्जी के इस्तेमाल के ईरान के अधिकार का समर्थक रहा है।