14 अगस्त 2013 - 19:30
शियों के नरसंहार का कारण बने मुफ़्ती के भाषण देने पर रोक।

क़ुवैत के प्रशासनिक अधिकारियों नें वहाबी मुफ़्ती शाफ़िल अजमी को उसके द्वारा दिये गए हिंसक भाषणों की वजह से टी. वी. पर बातचीत और भाषण देनें से मना कर दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार क़ुवैत के प्रशासनिक अधिकारियों नें वहाबी मुफ़्ती शाफ़िल अजमी को उसके द्वारा दिये गए हिंसक भाषणों की वजह से टी. वी. पर बातचीत और भाषण देनें से मना कर दिया है।क़ुवैत के सूचना मंत्री सलमान अलहमूद नें संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि शाफ़िल अजमी की बातों के बारे में जाँच की जाएगी।पिछले दिन इस वहाबी मुफ़्ती के क़ुवैत टी. वी. से प्रसारित होने वाले भाषण में उसनें सीरिया के शियों का नरसंहार करवाने की बात को क़ुबूल करते हुए उनके बारे में अपमान जनक बातें कहीं। उसनें इस नरसंहार पर ख़ुशी का इज़हार किया।क़ुवैत के सूचना मंत्री नें कहा कि क़ुवैत की सरकार किसी को भी सांप्रदायिकता की आग फैलाने की इजाज़त नहीं देगी।अलअजमी हमेशा शियों के विरुद्ध आर्टिकल लिख कर और ज़हरीले भाषण देकर सीरिया में जिबहतुन्नसरा को शियों की हत्या के लिये उकसाता रहा है।दो महीने पहले इसके फ़तवे से जिबहतुन्नसरा नें सीरिया के दैरुल द़ौर प्रदेश के शिया बहुल क्षेत्रों में 60 बूढ़ों, औरतों और बच्चों की हत्या कर दी थी। इस दिल को दहला देनी वाली घटना में हुज्जतुल इस्लाम सय्यद इब्राहीम अल सय्यद के घर वालों के सामने उनकी बीवी और बेटे का सर काट दिया गया था।शियों के इस नरसंहार के बाद इराक़ के एक व्यापारी नें अलअजमी के सर पर ईनाम रखा है जिससे उसनें भाग कर क़ुवैत को ठिकाना बनाया है।