23 जुलाई 2013 - 19:30
इस्लामी प्रतिरोध के विरोधी मोर्चे के गठन के लिए प्रतिबद्ध।

सऊदी अरब के सिक्योरिटी और इंटिलीजेंस डिपार्टमेंट के प्रमुख ने मोसाद तथा सादुद दीन हरीरी और समीर जअजअ जैसे लोगों के सहयोग से लेबनान में कई आतंकवादी संगठन बना डाले हैं

सऊदी अरब के सिक्योरिटी और इंटिलीजेंस डिपार्टमेंट के प्रमुख ने मोसाद तथा सादुद दीन हरीरी और समीर जअजअ जैसे लोगों के सहयोग से लेबनान में कई आतंकवादी संगठन बना डाले हैं।फ़ार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के सिक्योरिटी और इंटिलीजेंस डिपार्टमेंट के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान ने लेबनान में अपनी शैतानी कार्यवाहियां जारी रखते हुए कुछ पैसे के लालची और जाहिल तत्वों के माध्यम से सीरिया से कई आतंकवादी लेबनान पहुंचा दिये है जहां वह सैन्य प्रशिक्षण ले रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि यह आतंकवादी अल-नुस्रह फ्रंट और फ्री सीरियन आर्मी से जुड़े हैं और उन्हें लेबनान लाए जाने का मुख्य उद्देश्य हिज़्बुल्ला को नुकसान पहुंचाना और इस्लामी प्रतिरोध का मुकाबला करना है।सूत्रों का कहना है कि बंदर बिन सुल्तान लेबनान, सीरिया और इराक में बम विस्फोटों, आतंकी और अपहरण की गतिविधियों का मासटर माइंड है और जायोनी राज्य के सिक्योरिटी और इंटिलीजेंस डिपार्टमेंट से गहरे लिंक रखता है। उल्लेखनीय है कि अल-नुस्रह फ्रंट का लेबनान में प्रवेश दो सप्ताह पहले पेरिस में सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊद अल-फ़ैसल और सिक्योरिटी और इंटिलीजेंस डिपार्टमेंट प्रमुख की फ्रांसीसी अधिकारियों से मुलाकात के बाद बंदर बिन सुल्तान द्वारा प्रक्रिया में लाया गया है। इस बैठक में सऊदी और फ्रेंच अधिकारियों ने इस बात पर सहमत जताई कि लेबनान में विस्फोट करवाए जाएं और सीरिया में आतंकवादी गतिविधियों का दायरा विस्तरित किया जाए। बंदर बिन सुल्तान और आतंकवादी संगठनों में संपर्क का काम लेबनान की राजधानी बैरूत में स्थापित सऊदी दूतावास के ज़िम्मे है और दूतावास के एक कर्मचारी समीर जअजअ और लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री सादुद दीन हरीरी से लगातार सम्पर्क में है।बंदर बिन सुल्तान आतंकवाद द्वारा देश में सांप्रदायिकता को हवा देना चाहता है और उसकी इस कार्यवाही का उद्देश्य लेबनानी शिया और सुन्नियों को एक दूसरे से लड़ाना है।सूत्रों के अनुसार फिलहाल बंदर बिन सुल्तान और अन्य सऊदी अधिकारी इस्राइल और अमेरिका के पिट्ठू हैं और क्षेत्र को जातीय मतभेदों व साम्प्रदायिकता की आग में झोंकना चाहते हैं। लेबनान की राजधानी बैरूत के दक्षिण में स्थित हिज़्बुल्ला के गढ़ बेयरुल अब्द में होने वाला विस्फोटक बंदर बिन सुल्तान के नापाक मिशन स्पष्ट सबूत है, जिसे पूरा करने के लिए यह आदमी हिज़्बुल्ला के अपोज़िट मोर्चे यानी 14 मार्च नामक पार्टी के सहयोग से लेबनान में आतंकवाद फैलाना चाहता है।उक्त सूत्रों ने यह खुलासा किया है कि क़तर भी बंदर बिन सुल्तान और आतंकवादियों का समर्थन तथा सऊदी अरब, अमेरिका और इस्राइल के साथ सहयोग कर रहा है।