28 फ़रवरी 2013 - 20:30

ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने पाकिस्तान के प्रेसीडेंट से मुलाक़ात में कहा है कि इस्लामी क़ौमों के बीच फूट व मतभेद डालना, साम्राज्य और इंटर-नेशनल ज़ायोनिज्म का मक़सद है.......

ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने पाकिस्तान के प्रेसीडेंट से मुलाक़ात में कहा है कि इस्लामी क़ौमों के बीच फूट व मतभेद डालना, साम्राज्य और इंटर-नेशनल ज़ायोनिज्म का मक़सद है। सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने बुध को तेहरान में पाकिस्तान के प्रेसीडेंट आसिफ अली ज़रदारी से मुलाक़ात में कहा कि इस्लामी क़ौमों के बीच संबंधों में विस्तार एवं उनमें मज़बूती मुसलमानों की इंटर-नेशनल मुश्किलों के हल का महत्वपूर्ण रास्ता है। सुप्रीम लीडर ने कहा कि इस्लामी क़ौमों की बहुत सी समस्यांए दुश्मनों की साज़िशों का नतीजा हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस्लामी क़ौमों में मौजूद इंसानी, नेचुरल और इस्लामी दुनिया की योग्यताओं व क्षमताओं को ज़िंदा करने से इन समस्याओं के हल होने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इसी तरह ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने पाकिस्तान की नेशनल यूनिटी को नुक़सान पहुंचाने वाले तत्वों के साथ कड़ाई से पेश आने की मांग की और कहा कि जो लोग पाकिस्तान में मज़हबी मतभेद पैदा करने की कोशिश में हैं वह खतरनाक विदेशी जर्म्स हैं। इसी तरह उन्होंने इस मुल्क में मज़हबी हत्याओं को खेदजनक बताया और कहा कि इस समस्या से कड़ाई से निपटा जाना चाहिये तथा पाकिस्तान की नेशनल यूनिटी को नुकसान पहुंचाने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिये। पाकिस्तान के प्रेसीडेंट ने भी ईरान की इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात में बहुत ख़ुशी ज़ाहिर की और कहा पाकिस्तान की सरकार और ईरान के साथ संबंधों के स्तर को बेहतर बनाने जाने के बहुत इच्छुक हैं। इसी तरह उन्होंने ईरान और पाकिस्तान के संबंधों को विस्तृत होने से रोकने के लिए बड़ी ताक़तों की कोशिशों की तरफ़ इशारा किया और कहा कि इस समय क़ौमें यह सीख गये हैं कि उन्हें इस्लाम के दुश्मनों से किस तरह मुक़ाबल करना चाहिये।