27 जनवरी 2013 - 20:30

मिस्र में दंगा और उपद्रव बढ़ जाने के बाद तीन महत्वपूर्ण प्रांतों में अपातकाल लागू कर दिया गया है और रात का कर्फ़्यू भी लगा दिया गया है।

मिस्र में दंगा और उपद्रव बढ़ जाने के बाद तीन महत्वपूर्ण प्रांतों में अपातकाल लागू कर दिया गया है और रात का कर्फ़्यू भी लगा दिया गया है। घोषणा की गई है कि पोर्ट सईद, इसमाईलिया और स्वेज़ में अपातकाल और रात का कर्फ़्यू एक महीने तक जारी रहेगा। इसी के साथ राष्ट्रपति मुर्सी ने देश को संकट से निकालने के लिए विपक्ष के नेताओं को बातचीत का निमंत्रण दिया है। एमन नूर, अम्र मूसा, हमदीन सबाही, मोहम्मद अलबरादेई और मोहम्मद सलीम अलअवा उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें वार्ता का निमंत्रण दिया गया है। क़ाहेरा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार दस्तूर पार्टी के प्रमुख और राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा के संयोजक मोहम्मद अलबरादेई ने वार्ता में भाग लेने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय मुक्ति की सरकार गठित की जाए, संविधान में संशोधन के लिए कमेटी बनाई जाए और राष्ट्रपति मुर्सी झड़पों और रक्तपात की ज़िम्मेदारी स्वीकार करें तो वह वार्ता में भाग लेंगे। सच्चाई यह यह है कि इस समय मिस्र अत्यंत संवेदनशील चरण से गुज़र रहा है और बहुत से लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि क्रान्ति के विरुद्ध नई क्रान्ति आ सकती है।