6 जनवरी 2013 - 20:30

सउदी अरब के कई बड़े नगरों में जनता ने सड़कों पर आकर हाल में महिलाओं और बच्चों की आले सउद शासन के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तारी की निदां की और उनकी रिहाई की मांग की.....

सउदी अरब के कई बड़े नगरों में जनता ने सड़कों पर आकर हाल में महिलाओं और बच्चों की आले सउद शासन के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तारी की निदां की और उनकी रिहाई की मांग की।  यह प्रदर्शन रविवार को राजधानी रियाज़, पवित्र नगर मक्का और बुरैदा नगर में हुए।कल बुरैदा नगर में आले सउद शासन के विरुद्ध रैली के दौरान सउदी सुरक्षा बल दर्जनों महिलाओं और बच्चों को हवालात में ले गए।प्रदर्शन कर रहे लोग राजनैतिक कारणों से जेल में बंद किए गए अपने संबंधियों की रिहाई की मांग कर रहे थे।सउदी सुरक्षा बलों ने दर्जनों प्रसिद्ध हस्तियों को गिरफ़्तार कर लिया है जिसमें धर्मगुरु शैख़ निम्र अन्निम्र भी शामिल हैं।सउदी अरब के नागरिक एवं राजनैतिक अधिकार संघ के अनुसार इस समय सउदी अरब की जेलों में लगभग 30000 राजनैतिक बंदी हैं।मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि सउदी शासन, सरकार की आलोचना करने वालों का मुस्तक़िल दमन करता है।13 अगस्त (2012) को स्वीडिश रक्षा मंत्री कारिन अर्न्सटॉर्म ने सउदी अरब की मानवाधिकार के उल्लंघन के कारण आलोचना करते हुए सउदी शासन को तानाशाही एवं निरंकुश एकाधिपत्व पर आधारित शासन कहा था जहां मानवाधिकार से संबंधित गंभीर अपराध किए जाते हैं।ज्ञात रहे सउदी अरब में फ़रवरी 2011 से इस देश विभिन्न नगरों विशेष रूप से पूर्वी प्रांत के क़तीफ़ और अवामिया में जनता आए दिन प्रदर्शन कर सभी राजनैतिक बंदियों की रिहाई, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा एक स्थान पर एकत्रित होने के अधिकार और शीया समुदाय के साथ व्यापक भेदभाव के अंत की मांग करती है।सउदी अरब में राजशाही व्यवस्था है।