17 सितंबर 2012 - 19:30

ईरान के सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह हिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा है कि ईरान को हर प्रकार के अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सशस्त्र सेना का सैन्य क्षमताओं को प्राप्त करना अतिआवश्यक है।..........

ईरान के सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह हिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा है कि ईरान को हर प्रकार के अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सशस्त्र सेना का सैन्य क्षमताओं को प्राप्त करना अतिआवश्यक है। उन्होंने मंगलवार को ईरान के उत्तरी नगर नौशहर में सेना की उपब्लिधियों के निरिक्षण और सैन्य कमान्डरों से भेंट में सेना की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बल दिया कि ईरान की सशस्त्र सेना को ऐसी क्षमता प्राप्त करनी चाहिए कि कोई भी, देश के शक्तिशाली घेरे को तोड़ न सके। वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि ज्ञान, व्यवहार के साथ हो तो वह लक्ष्य की प्राप्ति और कामों को सही ढंग से किए जाने का महत्त्वपूर्ण कारण बनता है। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेना को इस मूल और आगे बढ़ने वाले कारण पर ध्यान देना चाहिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं में ज्ञान और व्यवहार को बहुत अधिक महत्त्व प्राप्त है और इन दोनों के एक साथ रहने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस बात पर बल दिया जा रहा है कि सशस्त्र सेना के वैज्ञानिक और शिक्षण संस्थाओं को निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सशस्त्र सेना का दीर्घकालीन लक्ष्य यह है कि सेना, ईरान के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप व शक्तिशाली हो। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी व्यवस्था के उद्देश्य, व्यापक और समस्त मानवीय समाज से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किसी भी देश और राष्ट्र के विरुद्ध अतिक्रमण वैध नहीं है। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने सशस्त्र सेना के कमान्डरों को नवीन विज्ञान पर ध्यान देने, नये नये उपकरणों की तैयारी, कलपुर्ज़ों की तैयारी की क्रांति को तेज़ी से आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक दृष्टिकोणों के नवीनीकरण और नये नये दृष्टिकोण पेश करने, अनुभवी प्रोफ़सरों की सेवाएं लेने, वैज्ञानिक केन्द्रों से सहयोग विस्तृत करने और अध्यात्मिक आयामों पर दिल की गहराईयों से ध्यान देने की अनुशंसा भी की ।..........166