26 अगस्त 2012 - 19:30

ईरानी विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने अपने सम्बोधन में विश्व में गुट निरपेक्ष आंदोलन की प्रभावी भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक बार फिर गुट निरपेक्ष आंदोलन के सोलहवें शिखर सम्मेलन के अवसर पर हम एक जगह इकट्ठा हुए हैं ताकि विश्व स्तर पर घटित होने वाली परिस्थितियों और हालात के बारे में जिस से हम सभी प्रभावित हो रहे हैं, बातचीत करें.........

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी -अबना- की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने अपने सम्बोधन में विश्व में गुट निरपेक्ष आंदोलन की प्रभावी भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक बार फिर गुट निरपेक्ष आंदोलन के सोलहवें शिखर सम्मेलन के अवसर पर हम एक जगह इकट्ठा हुए हैं ताकि विश्व स्तर पर घटित होने वाली परिस्थितियों और हालात के बारे में जिस से हम सभी प्रभावित हो रहे हैं, बातचीत करें। उन्होंने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों का एक जगह जमा होना इस बात का प्रतीक है कि हम गुट निरपेक्ष आंदोलन को चालू रखने और सक्रिय बनाने तथा उसे एक उपयोगी संगठन में परिवर्तित करने के सिलसिले में प्रतिबद्ध हैं।ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन के हम सभी सदस्य, भेदभाव, सशस्त्र लड़ाइयों, शक्ति के दुरुपयोग, विश्व संबंधों में घमंडी और मनमानी तरीके से अपनी इच्छा थोपने और हर प्रकार के साम्राज्यवाद और बाहरी कब्जे के खिलाफ हैं।इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में परिवर्तन की जरूरत, फ़िलिस्तीन, मानवता के खिलाफ इसराइल के अत्याचार, क्षेत्र में होने बदलाव विशेष रूप से क्षेत्र के देशों की जनक्रांतियां जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी ईरान के विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने भरपूर प्रकाश डाला।ईरान के विदेश मंत्री ने क्षेत्र में घटित होने वाले आंदोलनों के वास्तविक संदेश की ओर इशारा करते हुए जो स्वतंत्रता, मानवीय सम्मान, सौभाग्य और न्याय पर आधारित हैं कहा कि क्षेत्र में विदेशियों के हस्तक्षेप और अशांति से गलत इस्तेमाल किया जाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है क्योंकि जनता के माध्यम से अपनी तक़दीर का फैसला खुद करने के लिए चलाए जा रहे वास्तविक आंदोलनों की राह में यह चीजें बाधा बन रही हैं।ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति की स्थापना, भेदभाव भरी नीतियों, इस्राइल की सरकारी आतंकवाद के लिए खुला और अंधा समर्थन और अतिग्रहण, दमन और यातनाएं देना, धौंस, धमकी और आक्रामकता से सम्भव नहीं है।विदेश मंत्री ने कहा कि फ़िलिस्तीन और मध्य पूर्व में निष्पक्ष शांति तभी स्थापित होगी जब न्याय का ख़याल ​रखा जाए, जातीय और भेदभाव भरे नीतियों का अंत हो, फ़िलिस्तीन, सीरिया, लेबनान की भूमि से कब्जा खत्म हो, फिलिस्तीनी शरणार्थियों को उनके स्वदेश लौटने का अधिकार दिया जाए और खुद फिलिस्तीनी नागरिकों द्वारा ही लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें अपनी तक़दीर का फैसला खुद करने का अधिकार दिया जाए।ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ज़ायोनी शासन आतंकवाद का स्रोत है जो ग्यारह सितंबर की घटना का अमेरिका के माध्यम से गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है और जिसकी बदौलत मध्य पूर्व में और अधिक अशांति बनी हुई है और जो आतंकवाद के मुकाबले के बहाने अमरीका की वर्चस्व नीति से परिपूर्ण लक्ष्यों को वैध ठहराने के लिए नया रास्ता बनया जिसमें ईरान के निर्दोष व मज़लूम परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या भी शामिल है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि हम दुनिया को आतंकवाद से पाक दुनिया देखना चाहते हैं।उल्लेखनीय है कि तेहरान में जारी गुट निरपेक्ष आन्दोलन की बैठक में ईरान की ओर से जो प्रस्ताव और मांगें रखी जाएंगी उन में दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त किए जाने, संसार प्रणाली में दुनिया के सभी देशों को हिस्सेदारी दिए जाने, क्षेत्र और विशेष रूप से सीरिया के संकट के समाधान के लिए आपसी सलाह व मशवरे से किसी परिणाम पर पहुंचने जैसे मांगें और सुझाव शामिल हैं।रविवार को सदस्य देशों के विदेश सचिव और उप विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन समारोह में ईरान के विदेश मंत्री का भाषण इस वास्तविकता पर ताकीद है कि गुट निरपेक्ष आंदोलन हालांकि शुरू में एक राजनीतिक आंदोलन था लेकिन आज विश्व संबंधों के व्यापक क्षेत्रों में पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।ईरान गुट निरपेक्ष आंदोलन के नए अध्यक्ष के रूप में विश्व संगठन को पूरी तरह गतिशील और सक्रिय बनाने में अपना भरपूर योगदान करेगा, क्योंकि जिस तरह से ईरान के विदेश मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला है इससे ईरान के इसी संकल्प का पता चलता है।समाप्त....166