म्यांमार में होने वाले मुसलमानों के नरसंहार के खिलाफ पाकिस्तानी छात्रों पर आधारित उम्मीद संस्था ने 12 से अधिक छात्र संगठनों के साथ मिलकर, इस्लामी गणतंत्र ईरान के पवित्र नगर क़ुम में "म्यांमार के मज़लूम मुसलमानों के समर्थन" के शीर्षक के अंतर्गत एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।इस सम्मेलन में हौज़ ए इल्मिया क़ुम में उपस्थित ईरानी और गैर ईरानी छात्रों तथा राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में अल-मुस्तफ़ा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के अधिकारी, प्रोफ़ेसर्स और विशेष रूप से ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री हमीद मकारिम शिराज़ी ने भाग लिया। सम्मेलन कवरेज के लिए क़ुम में मोजूद समाचार एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शरीक थे।उम्मीद संस्था के उप महासचिव हुज्जत इस्लाम सैयद मीसम हुसैनी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा हम बर्मा में इस विशाल अत्याचार की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हौज़ ए इल्मिया क़ुम तथा शिया उल्मा ने हमेशा दुनिया में जहां कई भी अत्याचार हुआ है उसकी कड़ी निंदा की है।म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार की निंदा में हौज़ ए इल्मिया क़ुम के मदरस ए इमाम खुमैनी के छात्रों के अंतरराष्ट्रीय संगठनों का संयुक्त घोषणापत्रقال رسول الله (ص) : مَنْ أَصْبَحَ لَا يَهْتَمُّ بِأُمُورِ الْمُسْلِمِينَ فَلَيْسَ مِنْهُمْ وَ مَنْ سَمِعَ رَجُلًا يُنَادِي يَا لَلْمُسْلِمِينَ فَلَمْ يُجِبْهُ فَلَيْسَ بمسلم.म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार की सूचना, ऐसी घटना है जो न केवल मुसलमानों बल्कि हर इंसान को शोकाकुल कर देती है। रमज़ान के पवित्र महीने में म्यांमार के मुसलमान ऐतिहासिक बुरे दिनों से गुजर रहे हैं और साथ साथ मानवाधिकार के ठेकेदारों की चुप्पी भी जारी है, जिसके कारण इन तथाकथित झूठे मानवाधिकार के ठेकेदारों के प्रति इस्लामी समाज में नफरत बढ़ रही है।निःसंदेह यह घृणित गतिविधि सिवाय पश्चिम और विशेषकर अमेरिकी इस्लाम दुश्मनी पर आधारित लक्ष्यों की प्राप्ति के सिवा और कुछ नहीं है। हम अल-मुस्तफ़ा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र, म्यांमार के मज़लूम मुसलमानों के प्रति सहानुभूति की घोषणा करते हैं और वहाँ मज़लूम मुसलमानों के नरसंहार और इसी तरह बहरैन, सीरिया, पाकिस्तान और इराक में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों की निंदा करते हैं। हम दुनिया के सभी राष्ट्रों, संयुक्त राष्ट्र, मानवीय अधिकारों से विशिष्ठ संगठनों और विशेषकर इस्लामी देशों से मांग करते हैं कि वह मुस्लिम जनसंहार के खिलाफ तुरंत नोटिस लें और दुनिया भर में हर जगह मुसलमानों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार के ख़ात्मे की फ़िक्र करें।हम दुनिया के विभिन्न देशों के छात्र, पूर्ण सरकार के समर्थित कट्टरवादी बुद्धाईयों के हाथों वहां के मुसलमानों की लक्ष्य बना कर की जाने वाली हत्याओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और मुसलमानों के साथ इस तरह के व्यवहार को तुरंत रोकने की मांग करते हैं. हम म्यांमार सरकार से मांग करते हैं कि इस देश के मुसलमानों के हितों को देखते हुए जल्द से जल्द इन अत्याचारों को रोका जाए और इन दिनों होने वाले इन अत्याचारों की पूरी रिपोर्ट दुनिया भर के मुसलमानों के सामने पेश की जाए।प्रभु सभी मुसलमानों का समर्थक व सहायक हो।.....166
1 अगस्त 2012 - 19:30
समाचार कोड: 333779
म्यांमार में होने वाले मुसलमानों के नरसंहार के खिलाफ पाकिस्तानी छात्रों पर आधारित उम्मीद संस्था ने 12 से अधिक छात्र संगठनों के साथ मिलकर, इस्लामी गणतंत्र ईरान के पवित्र नगर क़ुम में "म्यांमार के मज़लूम मुसलमानों के समर्थन" के शीर्षक के अंतर्गत एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया...........