12 जून 2012 - 19:30

ईरान में पवित्र शहर क़ुम में प्रसिद्ध धर्मविधिज्ञ हज़रत आयतुल्लाह साफ़ी गुलपाएगानी ने मक्का और मदीना में इस्लामी पुरातत्व के ध्वसं की कड़ी आलोचना करते हुए कहाः सऊदी अरब में अगर इसी तरह इस्लामी पुरातत्व गिराए जाते रहे तो भविष्य में अब्दुल जनाबे अब्दुल मुत्तलिब, जनाबे अबूतालिब, जनाबे अबदुल्लाह और अन्य बुजुर्गों की समाधियों का स्पष्टीकरण मुश्किल होगा ..........

अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाहिल उज़मा साफ़ी गुलपाएगानी ने आले सऊद और वहाबियत के हाथों पवित्र स्थानों के विध्वंस की तरफ़ इशारा करते हुए कहा है कि जो कुछ आज मक्का व मदीना में हो रहा है उससे इस्लाम को नुक़सान पहुंच रहा है और भविष्य में हम अपने ऐतिहासिक विरासत और  इस्लामिक पुरातत्वों से वंचित हो जाएंगे।   ईरान में पवित्र शहर क़ुम में प्रसिद्ध धर्मविधिज्ञ हज़रत आयतुल्लाह साफ़ी गुलपाएगानी ने मक्का और मदीना में इस्लामी पुरातत्व के ध्वसं की कड़ी आलोचना करते हुए कहाः सऊदी अरब में अगर इसी तरह इस्लामी पुरातत्व गिराए जाते रहे तो भविष्य में अब्दुल जनाबे अब्दुल मुत्तलिब, जनाबे अबूतालिब, जनाबे अबदुल्लाह और अन्य बुजुर्गों की समाधियों का स्पष्टीकरण मुश्किल होगा।आयतुल्लाहिल उज़मा साफ़ी गुलपाएगानी ने हज और ज़ियारत कमेटी के प्रमुख सैयद अहमद मूसवी से बातचीत करते हुए कहा हज और ज़ियारत संस्था के उच्च अधिकारियों को जनता की सेवा,और अपना दायित्व सही तरीक़े से अंजाम देना चाहिए।..........166