2 जून 2012 - 19:30

वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने साम्राज्य के इस्लामी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु सभी षड्यंत्रों को विफल बना दिया है...

वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने साम्राज्य के इस्लामी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु सभी षड्यंत्रों को विफल बना दिया है।आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की बरसी के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि ईरानी राष्ट्र ने गत 33 वर्षों में विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति करके तथा राजनीति, सुरक्षा व अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में पाई जाने वाली समस्याओं को नियंत्रित करके, इस्लामी शासन व्यवस्था को समाप्त करने के लिए विश्व साम्राज्य के सभी षड्यंत्रों को विफल बना दिया है। इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर आयोजित होने वाले बरसी के कार्यक्रम में लाखों लोगों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज ईरानी राष्ट्र, इस्लामी क्रांति के आरंभिक वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी राजनैतिक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी शक्तियां, विश्व जनमत को धोखा देने के लिए ईरान को परमाणु ख़तरे के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही हैं किंतु वास्तविकता यह है कि वे हर क्षेत्र में ईरान की प्रगति से भयभीत हैं। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान की तीव्र गति से जारी प्रगति को रोकने के उद्देश्य से ज़ायोनी शासन के षड्यंत्रों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज स्वयं अमरीकी व ज़ायोनी अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ईरान, क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं पर प्रभाव डालने वाला एक सशक्त देश है। उन्होंने क्षेत्र में इस्लामी जागरूकता की लहर और क्षेत्र में अमरीका के पिट्ठू तानाशाहों के विरुद्ध चलने वाले जनांदोलनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि मुस्लिम राष्ट्रों को, उनके आंदोलन की दिशा बदलने के संबंध में पश्चिम के षड्यंत्रों की ओर से बहुत सावधान रहना चाहिए।..........166