ईरान के राष्ट्रपति और फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने फ़िलिस्तीनी भूमियों की स्वतंत्रता के एकमात्र विकल्प के रूप में प्रतिरोध के जारी रहने की आवश्यकता पर बल दिया है। राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने रविवार को तेहरान में फ़िलिस्तीन के क़ानूनी प्रधानमंत्री इस्माईल हनिया से भेंट में कहा कि फ़िलिस्तीनी जनता इस्लामी जगत के प्रतिनिधि के रूप में ज़ायोनी शासन के अतिक्रमणों के मुक़ाबले में प्रतिरोध कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन का विषय एक अंतर्राष्ट्रीय विषय है। राष्ट्रपति ने दिन प्रतिदिन कमज़ोर होते ज़ायोनी शासन के समर्थक देशों की विषम आर्थिक स्थिति की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी जगत के समस्त देशों को ईरानी राष्ट्र की भांति फ़िलिस्तीनी जनता के साथ होना चाहिये। इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि वर्चस्ववाद के मुक़ाबले में राष्ट्रों का प्रतिरोध और उसे पराजित करना विश्व में न्याय की स्थापना का कारण बनेगा। फ़िलिस्तीन के प्रधानमंत्री इस्माईल हनिया ने भी इस भेंट में ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की ३३वीं वर्षगांठ और पैग़म्बरे इस्लाम के जन्म दिवस की ईरानी राष्ट्र को बधाई दी और ११ फ़रवरी को निकाली जाने वाली रैलियों में दसियों लाख ईरानी जनता की भव्य उपस्थिति को अनुदाहरणीय बताया और कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति समस्त राष्ट्रों के लिए उचित उदाहरण है और यह देश क्षेत्र में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध का मज़बूत समर्थक है। उन्होंने कहा कि गत विशेषकर ६० वर्षों के अनुभवों ने दर्शा दिया है कि फिलिस्तीनी भूमियों और मस्जिदुल अक़्सा को स्वतंत्र कराने का एकमात्र मार्ग प्रतिरोध है।......166
11 फ़रवरी 2012 - 20:30
समाचार कोड: 296169
ईरान के राष्ट्रपति और फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने फ़िलिस्तीनी भूमियों की स्वतंत्रता के एकमात्र विकल्प के रूप में प्रतिरोध के जारी रहने की आवश्यकता पर बल दिया......