10 फ़रवरी 2012 - 20:30

इस्लामी क्रांति की सफलता की ३३वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज पूरे ईरान में भव्य रैलियां निकाली गईं। देश में सबसे बड़ी रैली राजधानी तेहरान में निकाली गई जिसमें लाखों की संख्या में लोगों ने भाग लिया.......

इस्लामी क्रांति की सफलता की ३३वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज पूरे ईरान में भव्य रैलियां निकाली गईं। देश में सबसे बड़ी रैली राजधानी तेहरान में निकाली गई जिसमें लाखों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। इन भव्य प्रदर्शनों व रैलियों में वरिष्ठ राजनेताओं, धर्मगुरूओं, बुद्धिजीवियों तथा समाज के हर वर्ग ने बढ़चढ कर भाग लिया। तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों से निकाले जाने वाले जुलूस आज़ादी स्कवाएर पर समाप्त हुए जहां पर राष्ट्रपति अहमदी नेजाद ने राष्ट्र को संबोधित किया। रैली के बाद जारी होने वाले घोषणापत्र में कहा गया है कि ईरानी राष्ट्र ऐसी स्थिति में इस्लामी क्रांति की ३३वीं वर्षगांठ मना रहा है कि जब क़ाहिरा, त्रिपोली, मनामा और ट्यूनीशिया की सड़कों पर ईरान की इस्लामी क्रांति के काल के दृश्य दिखाई दे रहे हैं और मुसलमान राष्ट्र वही नारे लगा रहे हैं और इसके प्रभाव को रोम, लंदन वाशिंग्टन और न्यूयार्क की सड़कों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस घोषणापत्र में ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनियों के प्रतिरोध का समर्थन तथा सीरिया के विरुद्ध विश्व वर्चस्ववाद की शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियों की निंदा की गई। इस घोषणापत्र में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ईरान की हतप्रभ करने वाली प्रगति को इस क्षेत्र में प्रयास करने वालों तथा शहीद होने वाले निष्ठावान विद्वानों के अथक प्रयासों का परिणाम बताया गया। घोषणापत्र में शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक को ईरानी राष्ट्र का क़ानूनी अधिकार घोषित करते हुए कहा गया है कि ईरानी राष्ट्र किसी भी स्थिति में अपने इस क़ानूनी अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। इस घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद और अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी आईएईए द्वारा अमरीका और ज़ायोनी शासन के अनुसरण की भी निंदा की गई।
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