उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए क़ौमी राब्ता काउंसिल के द्रारा लखनऊ स्थित रवीन्द्रालय में एक जागरुकता जलसे का आयोजन किया गया ताकि मुसलमान वोट एक साथ रहें। जलसे को सम्बोधित करते हुए शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि इस तरह के जलसे का आयोजन एक माह पूर्व होता तो उसका प्रभाव ज़्यादा होता। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के सहयोग के बिना कोई भी राजनीतिक दल सरकार नहीं बना सकता है तथा एक बार सरकार बनने के बाद वह 5 साल तक कुछ काम नहीं करती इसलिए इस समय मुसलमानों को किसी भी दल की तारीफ़ न करके बल्कि विभिन्न दलों का विश्लेषण करके यह देखना चाहिये कि कौनसा दल मुसलमानों को उनका हक़ दिला सकता है। मौलाना ने इस सम्बंध में एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन पर भी बल दिया जो विभिन्न पहलुओं पर ग़ौर करके रिपोर्ट दे जिसके आधार पर एक संयुक्त बयान जारी किया जाए ताकि मुसलमान वोट अलग-अलग न बटकर एक दिशा में पड़ें। जलसे को सम्बोधित करते हुए डा. तसलीम रहमानी ने कहा कि 65 साल का इतिहास गवाह है कि सभी राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का प्रयोग सिर्फ़ अपने लाभ के लिए किया है और अब समय आ गया है कि मुसलमानों को जागरुक हो जाना चाहिए। जलसे में विभिन्न मुस्लिम संगठनों के सदस्य एवं ओलमा मौजूद थे। ..........166
19 मार्च 2011 - 20:30
समाचार कोड: 294277
जलसे को सम्बोधित करते हुए शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के सहयोग के बिना कोई भी राजनीतिक दल सरकार नहीं बना सकता है ....