4 नवंबर 2011 - 20:30

तेहरान में इमामे जुमा ने कहा है कि अमरीका और ब्रिटेन मानवाधिकारों के सब से बड़े उल्लंघनकर्ता है....

तेहरान में इमामे जुमा ने कहा है कि अमरीका और ब्रिटेन  मानवाधिकारों के सब से बड़े उल्लंघनकर्ता है। तेहरान में जुमा की नमाज़ में भाषण के मध्य आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने, इस्लामी जुम्हूरिया पार्टी के कार्यालय में बम विस्फोट और एमकेओ आतंकवादियों द्वारा ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या की तीसवीं बरसी के अवसर पर कहा कि अमरीका और ब्रिटेन वह देश हैं जिन्होंने सब से पहले इस गुट का नाम आंतकवादी गुटों की सूचि से बाहर निकाला । आयतुल्लह ख़ात्मी ने एमकेओ के आंतकवादियों द्वारा, ईरान में १२ हज़ार और इराक़ में २५ हज़ार लोगों की शहादत की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका और ब्रिटेन इस आतंकवादी गुट का समर्थन करके, मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने इराक़ और अफ़गानिस्तान में अमरीका की उपस्थिति को अतिग्रहण की अमरीकियों की कभी न मिटने वाली भूख का परिणाम बताया कि जो पूरे विश्व का अतिग्रहण करने की इच्छा रखते हैं। आयतुल्लाह ख़ातमी ने कहा कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान की सरकार से कह रहा है कि यदि इस देश में शांति स्पाथना की इच्छा है तो अफ़गानिस्तान में अमरीका की सैनिक छावनी बनाए जाने की अनुमति दी जाए और इराक़ में भी, इस देश से वापसी का समय आ जाने के बावजूद वह इराक़ में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखना चाहता है। तेहरान के इमामे जुमा ने इसी प्रकार बहरैन में सऊदी अतिग्रहणकारियों के अपराधों को निर्दयता पूर्ण बताया और कहा कि बहरैन की आले ख़लीफा सरकार डाक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को हिरासत में लेकर उन पर मुक़द्दमा चला रही है जो एक अपराध है और सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।