ईरान ने कहा है कि अमेरिका को तेहरान के विरुद्ध हर कार्यवाही की क़ीमत चुकानी पड़ेगी। संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने ईरान के संबंध में अमेरिकी दृष्टिकोणों को बड़ी भूल बताते हुए कहा कि यदि अमेरिका हमारे लिए समस्या उत्पन्न करेगा तो वह निश्चिंत रहे कि इसका मूल्य चुकाये बिना वह क्षेत्र से नहीं जा सकता। अलआलम टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में उन्होंने ईरान पर अधिक प्रतिबंध लगाने हेतु अमेरिकी धमकी के बारे में कहा कि प्रश्न यह है कि अब तक ईरान के विरुद्ध कई प्रस्ताव पारित किये जा चुके हैं क्या ये प्रतिबंध ईरान में आर्थिक भूकंप उत्पन्न कर सके? उन्होंने कहा कि हम अपना काम कर रहे हैं और आर्थिक क्षेत्र में प्रगति के लिए विभिन्न मार्ग मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी भूल है कि कोई यह सोचे कि यदि अमेरिका ने किसी देश पर प्रतिबंध लगा दिया तो वह प्रगति नहीं कर सकता। संसद सभापति ने अमेरिका के प्रतिबंध को परिणामहीन बताया और कहा कि प्रतिबंध सही मार्ग नहीं है। उन्होंने कहा कि बराक ओबामा यह न समझें कि हर कार्यवाही के लिए हर विकल्प खुला हुआ है। संसद सभापति ने कहा है कि हमने एक तानाशाह को देश से निकाला है और अमेरिका को यह कहना चाहिये कि ईरानी राष्ट्र को प्रजातंत्र का अधिकार है पर इसके स्थान पर वह ईरान में लोकतंत्र का मुक़ाबला कर रहा है और यह वही भूल है जिसे अमेरिका अरब देशों के संबंध में कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का सूचक है कि अमेरिका के नीति निर्धारक क्षेत्र को अच्छी तरह नहीं पहचानते और वे यह सोचते हैं कि उनके हितों की रक्षा व पूर्ति तानाशाहों से होगी और यह एक स्ट्रैटेजिक भूल है। ईरान के संसद सभापति ने कहा कि ज़ायोनी शासन के पास इतने सारे परमाणु हथियार हैं परंतु अमेरिकियों को कभी भी ख़तरे का आभास नहीं होता यहां तक कि भारत और पाकिस्तान जैसे हमारे कुछ पड़ोसी देशों के पास भी परमाणु हथियार हैं परंतु चूंकि यह देश अमेरिका के मित्र हैं इसलिए अमेरिका को इनसे कोई समस्या नहीं है परंतु वह ईरान के शांतिपूर्ण कार्यक्रम के संबंध में विघ्न उत्पन्न करता है।
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