इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने शत्रुओं के षड्यंत्रों की ओर से सावधान रहने पर बल देते हुए कहा है कि ईरानी राष्ट्र अहंकारी शत्रुओं द्वारा रचे गए षड्यंत्रों को निष्क्रिय बनाने में सफल रहा है। उन्होंने आज पश्चिमी प्रांत किरमान शाह के सुन्नी बाहुल कंगावर नगर में एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध के कारण पूरे विश्व विशेष कर मध्यपूर्व में अमरीकी नीतियां विफल हो गयी हैं। वरिष्ठ नेता ने क्षेत्रीय राष्ट्रों के सामने इस्लामी गणतंत्र ईरान की छवि को ख़राब करके पेश करने हेतु शत्रु के निरंतर प्रयास की ओर से सावधान किया। उन्होंने संचार माध्यमों से ऐसी टिप्पणी या सूचनाओं के प्रसार में सावधानी बरतने पर बल दिया जो जाने- अनजाने में ईरान विरोधी लक्ष्य साधने में शत्रु की सहायता करें। आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने शत्रु के विरुद्ध प्रतिरोध को ईरानी राष्ट्र की मुख्य विशेषता बताया और कहा कि शत्रु क्षेत्रीय देशों के बीच ईरान के आदर्श के रूप में उत्थान को रोकना चाहता है। उन्होंने बल दिया कि इस समय ईरान को क्षेत्रीय राष्ट्रों में आदर्श के रूप में देखा जाता है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरानी राष्ट्र के सामने कठिन मार्ग था किन्तु उसने आठ वर्षीय थोपे गए युद्ध और बारंबार लगाए गए प्रतिबंधों जैसे कठिन काल को दृढ़ता व सम्मान के साथ तय किया। उन्होंने ईरानी राष्ट्र से प्रतिदिन अपनी एकता व अखंडता को सुदृढ़ करने का आह्वान करते हुए बल दिया कि ईरान में इस्लामी व्यवस्था अहंकारी शक्तियों के सामने दृढ़ता में अद्वितीय है।
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