इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरान अत्याचारियों के समक्ष डटा रहेगा और तनिक भी पीछे नहीं हटेगा।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने पश्चिमी ईरान के किरमानशाह प्रांत की अपनी यात्रा के चौथे दिन आज गीलानग़र्ब ज़िले के एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए शत्रु के षड्यंत्रों के विरुद्ध ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अत्याचारियों के समक्ष डटा रहेगा और पीछे भी नहीं हटेगा। उन्होंने अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए हालिया आरोप की ओर संकेत करते हुए कहा कि शत्रु, ईरान को अलग-थलग करने तथा ईरानोफ़ोबिया फैलाने का प्रयास कर रहा है किंतु अतीत की भांति उसे, अमरीकी सरकार से राष्ट्रों का असीम घृणा तथा ईरानी राष्ट्र के गौरवपूर्ण नारों के प्रति लोगों के प्रेम में वृद्धि के अतिरिक्त कोई अन्य परिणाम प्राप्त नहीं होगा। वरिष्ठ नेता ने हालिया दिनों में अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म के पिट्ठू संचार माध्यमों की ओर से ईरान पर आतंकवाद के समर्थन के संबंध में लगाए जाने वाले आरोपों को, वैश्विक साम्राज्यवादियों के निरंतर षड्यंत्रों की एक कड़ी बताया और कहा कि उन्होंने कुछ ईरानियों पर निरर्थक आरोप लगा कर इस्लामी गणतंत्र ईरान पर प्रचारिक आक्रमण करने का प्रयास किया किंतु यह षड्यंत्र भी पिछले षड्यंत्रों की भांति निष्फल रहा और उनकी कल्पना के विपरीत स्वयं उन्हीं के अधिक अलग-थलग होने का कारण बनेगा। आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अमरीका के विभिन्न नगरों में वॉल स्ट्रीट पर नियंत्रण करो आंदोलन के फैलने की ओर संकेत करते हुए अमरीकी अधिकारियों से कहा कि तुम स्वयं अपने ही राष्ट्र में अलग-थलग पड़ चुके हो और जनता से डरते हो इसके बावजूद निरर्थक बातों से ईरानोफ़ोबिया फैलाना चाहते हो? उन्होंने मध्यपूर्व के अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस्लामी जागरूकता के तेज़ी से फैलते आंदोलन की ओर संकेत करते हुए कहा कि भविष्य, इस्लाम ही का है और यदि ईश्वर ने चाहा तो पूरे क्षेत्र में इस्लाम का ध्वज लहराएगा तथा क्षेत्रीय राष्ट्रों का एक शक्तिशाली, एकजुट एवं सम्मानजनक समूह गठित होगा।
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