इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा में जारी जन आंदोलन मूल रूप से अमरीकी सरकार और पश्चिमी वर्चस्व के विरोधी हैं।
राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने न्यूयार्क में अमरीकी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों के मध्य एक भाषण में कहा कि अमरीकी सरकार, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा में जारी आंदोलनों को अपनी मनचाही दिशा देने का प्रयास कर सकती है किंतु उसे ज्ञात होना चाहिए कि यह आंदोलन मूल रूप से उसके वर्चस्व के ही विरुद्ध हैं।
राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने अमरीका व ईरान के संबंधों में जटिलता की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकी सरकार के संबंध केवल ईरान के साथ ही जटिल नहीं हैं बल्कि अन्य देशों से भी उसके संबंधों में जटिलता पायी जाती है। राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने संयुक्त राष्ट्र संघ के क्रियाकलापों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस संघ के गठन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो सका है। राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीक़ा के परिवर्तनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान सभी देशों के स्वतंत्रता, न्याय और चयन के अधिकार का समर्थन करता है और ईरान का मानना है कि किसी भी सरकार को अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रजातंत्र, विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप और नेटो के सैनिक आक्रमणों से स्थापित नहीं हो सकता। इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की सभी नीतियां पारदर्शी और स्पष्ट हैं और ईरान किसी भी विषय पर अपनी नीतियों की घोषणा करने में किसी से डरता नहीं है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने कहा कि यदि पश्चिमी देशों के प्रमुख, यह समझते हैं कि क्षेत्र के परिवर्तनों में हस्तक्षेप करके और परिस्थितियों से गलत फायदा उठा कर वे अपना वर्चस्व पुनः बहाल कर लेंगें तो वे बहुत बड़ी भ्रांति में हैं क्योंकि जनता, तानाशाहों के विरुद्ध उठ खड़ी हुई है और उसे भली भांति पता है कि तानाशाहों के समर्थक कौन हैं?
समाचार समाप्त
........
166