18 सितंबर 2011 - 19:30

यमन में अब्दुल्लाह सालेह के समर्थक सैनिकों ने राजधानी सनआ में शासन विरोधी प्रदर्शनकारियों पर आक्रमण कर 35 प्रदर्शनकारियों को हताहत और 700 से अधिक को घायल कर दिया है..........

यमन में अब्दुल्लाह सालेह के समर्थक सैनिकों ने राजधानी सनआ में शासन विरोधी प्रदर्शनकारियों पर आक्रमण कर 35 प्रदर्शनकारियों को हताहत और 700 से अधिक को घायल कर दिया है। घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कल दसियों हज़ार की संख्या में यमनी जनता शांतिपूर्ण प्रदर्शन द्वारा अली अब्दुल्लाह सालेह के सत्ता से हटने की मांग कर रही थी जिस पर सुरक्षा बलों व आम वस्त्र धारण किए सशस्त्र ठगों ने फ़ायरिंग की। ज्ञात रहे अली अब्दुल्लाह सालेह को अमरीका का समर्थन प्राप्त है। चिकित्सा सूत्रों का कहना है कि शासन के सैनिकों ने सनआ में प्रदर्शनकारियों पर गोलियों व मॉर्टर गोलों की फ़ायरिंग की। सुरक्षा बलों द्वारा फेंके गए ज़हरीले आंसू गैस के गोलों से कई प्रदर्शनकारी हताहत व घायल हुए। ज्ञात रहे यमन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रजातंत्र की मांग कर रही जनता पर यह आक्रमण पिछले कई महीनों के दौरान अब तक का सबसे घातक आक्रमण था। सालेह के समर्थक सैनिकों ने सनआ में प्रेस टीवी के कार्यालय पर भी आक्रमण किया। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि प्रेस टीवी के कार्यालय को इस आक्रमण से कितनी क्षति हुयी है। एक चिकित्सा अधिकारी ने फ़्रांस प्रेस को बताया कि गोलियों व बमों की छिटकी गोलियों से घायल 25 व्यक्तियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुयी है। घायलों में यमन की अलइस्लाह पार्टी के सक्रिय सदस्य मोहम्मद अलज़ाहेरी और यमन की राष्ट्रीय परिषद के एक सदस्य भी हैं। ज्ञात रहे यमन में यह जनसंहार ऐसे समय हुआ जब अली अब्दुल्लाह ने रविवार को घोषणा की कि वह तब तक त्यागपत्र नहीं देंगे जब तक उनके उत्तराधिकारी के निर्धारण हेतु राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं हो जाता। ज्ञात रहे यमन में बत्तीस वर्षों से सत्ता पर बैठे अब्दुल्लाह शासन के विरुद्ध जनवरी के अंत में आरंभ हुयी क्रान्ति से अब तक सैकड़ों यमनी नागरिक मारे जा चुके हैं और हज़ारों घायल हुए हैं।समाचार समाप्त.........166