बहरैन के क्रान्तिकारियों व राजनैतिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई की, ईद की नमाज़ के ख़ुत्बे में बहरैन की पीड़ित जनता के प्रति समर्थन करने के कारण सराहना की। वरिष्ठ नेता ने बहरैनी जनता की स्थिति पर चिंता जताते हुए बल दिया कि बहरैनी राष्ट्र एक पीड़ित राष्ट्र है किन्तु इस बात में संदेह नहीं कि वे विजयी होकर रहेंगे। बहरैन के राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक संघ के महासचिव फ़ाज़िल अब्बास ने कल आलम से विशेष साक्षात्कार में वरिष्ठ नेता के बयान को सही अवसर पर दिया गया बयान बताया और विश्व के स्वतंत्रताप्रेमियों से आह्वान किया कि वे बहरैन की पीड़ित जनता की आवाज़ विश्वासियों तक पहुंचाएं। फ़ाज़िल अब्बास ने बहरैनी जनता पर आले ख़लीफ़ा शासन के अत्याचारों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका सहित बड़ी शक्तियां क्षेत्र में तेल व सैन्य छावनियों सहित कुछ कारणों से बहरैन की घटना पर दृष्टि लगाए हुए हैं। इस बीच बहरैन के चौदह मार्च आंदोलन ने एक बयान में ईद की नमाज़ में वरिष्ठ नेता के भाषण की सराहना करते हुए उसे बहरैन की पीड़ित जनता के घावों पर मरहम की संज्ञा दी जिसका आले ख़लीफ़ा शासन हर दिन अतिग्रहणकारी सउदी अरब के सैनिकों की सहायता से दमन कर रहा है। चौदह फ़रवरी आंदोलन के बयान में आया है कि बहरैनी राष्ट्र आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई के दृष्टिकोण से अवगत हो गया है और वह इस बयान को अपने प्रतिरोध को जारी रखने व बहरैन के तानाशाह तथा उसकी अत्याचारी सरकार पर विजयी होने तक मार्गदर्शक बयान समझेगा। बहरैन के एक अन्य राजनैतिक कार्यकर्ता हसन अब्दुन्नबी ने भी बहरैन के परिवर्तनों के संबंध में वरिष्ठ नेता के बयान को बहुत सटीक बताया और कहा कि वरिष्ठ नेता ने बहरैनी शासन के इस देश की क्रान्ति को समाप्त करने व जनता की मांगों को पूरा करने के वचन से पीछे हटने के प्रयास की ओर बिल्कुल सही संकेत किया। हसन अब्दुन्नबी ने बहरैन की क्रान्ति के संबंध में दोहरे व्यवहार के कारण विश्व मीडिया की आलोचना की और कहा कि ये संचार माध्यम बहरैन की वास्तविकता व इस देश जनता की पीड़ा को ग़लत ढंग से पेश कर रहे हैं। बहरैन के एक और राजनैतिक कार्यकर्ता अली मुशैमा ने भी क्षेत्र में अमरीका की क्रान्ति विरोधी गतिविधियों के संबंध में वरिष्ठ नेता की ओर से सचेत किए जाने की सराहना की। अली मुशैमा ने इस बात उल्लेख करते हुए कि सउदी अरब की वित्तीय सहायता से क्षेत्र में अमरीका के षड्यंत्र अंजाम पा रहे हैं कहा कि जिन देशों में इस्लामी जागरुकता पैदा हुयी है उन देशों की क्रान्ति के विरुद्ध अमरीका के षड्यंत्र के बारे में क्षेत्रीय राष्ट्रों को सचेत करना बहुत ही बुद्धिमत्तपूर्ण क़दम है।(एरीब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ )........166