4 अगस्त 2011 - 19:30

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थायी इमाम ने कहा है कि इस्लामी जागरुकता ने क्षेत्र व विश्व में मुसलमानों को सम्मानित किया है।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थायी इमाम ने कहा है कि इस्लामी जागरुकता ने क्षेत्र व विश्व में मुसलमानों को सम्मानित किया है। आज तेहरान की केन्द्रीय जुमे की नमाज़ आयतुल्लाह इमामी काशानी की इमामत में पढ़ी गयी। उन्होंने नमाज़ के ख़ुत्बे में मध्यपूर्व, फ़ार्स की खाड़ी और उत्तरी अफ़्रीक़ा में इस्लामी जागरुकता का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्रीय देशों में नई लहर ने इस्लामी जगत को सम्मान दिलाया है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने मिस्र के तानाशाह हुस्नी मुबारक के विरुद्ध मुक़द्दमे की ओर संकेत करते हुए कहा कि क्षेत्र में इस्लामी क्रान्तियों ने तानाशाहों को अपमानित और मुसलमानों को सम्मानित किया है। उन्होंने पवित्र क़ुरआन के महत्व और इस्लामी क्रान्ति की क़ुरआन के महत्व को उजागर करने में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में क़ुरआन करीम व इस्लाम धर्म के सभी आयाम विश्ववासियों के सामने आ गये। जुमे की नमाज़ के इमाम ने क्षेत्र के परिवर्तनों में इस्लामी क्रान्ति के प्रभाव पर बल देते हुए कहा कि इस्लामी क्रान्ति वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शन में अपने उच्च मार्ग पर अग्रसर है और यथावत वह प्रभाव डाल रही है। उन्होंने वरिष्ठ नेता के पवित्र क़ुरआन के बारे में दृष्टिकोण की ओर संकेत करते हुए कहा कि पवित्र क़ुरआन पर विशेष ध्यान दिया जाए क्योंकि पवित्र क़ुरआन सभी मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करता है और इस्लामी जगत को शक्ति प्रदान करता है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने पवित्र रमज़ान की बधाई देते हुए कहा कि रोज़ा उपासना तथा मुसलमानों के ईश्वर के निकट होने का द्वार है।
समाचार समाप्त
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