तल अवीव: इस्राईली अखबार हारेट्ज़ ने दावा किया है कि अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुलरहमान अल-सैयद की कथित जीत से पता चलता है कि इस्राईल का विरोध करना अमेरिकी चुनावों में जीत की राह में बाधा नहीं है।
अखबार के मुताबिक, मिशिगन और अन्य क्षेत्रों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत ने इस्राईल के राजनीतिक प्रभाव की सीमाओं को उजागर किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-सैयद को हराने के लिए इस्राईल समर्थक संगठन एआईपीएसी ने करीब 4 करोड़ डॉलर खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जीत मिली।
हारेट्ज़ ने दावा किया कि अल-सैयद ने मिशिगन में अमेरिकी सीनेट के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप समर्थित उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराया और डेमोक्रेटिक पार्टी की एक अहम सीट बरकरार रखी।
रिपोर्ट के अनुसार, अल-सैयद ने कहा कि एआईपीएसी ने उनके खिलाफ 4.2 करोड़ डॉलर खर्च किए, लेकिन वे इस लॉबी को हराने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि देश का पैसा नस्लवाद, नरसंहार और युद्धों पर खर्च किया जाए।
अल-सैयद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उनका नाम बोलना ट्रंप के लिए मुश्किल था, इसलिए जनवरी में जेडी वेंस द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद ट्रंप उन्हें केवल ‘सीनेटर’ कह सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-सैयद पहले भी गाजा में इस्राईली कार्रवाइयों और नरसंहार के खिलाफ कई बार आवाज उठा चुके हैं। उनके इन बयानों से ट्रंप नाराज बताए गए थे।
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