मुहम्मद अली अलहूसी ने यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष प्रतिनिधि मार्टिन ग्रिफ़िथ के यमन के राजनैतिक संकट के समाधान के बारे में हालिया बयान की निंदा करते हुए कहा है कि ग्रिफ़िथ ने झूठ नहीं कहा लेकिन सच को भी बयान नहीं किया। उन्होंने कहा कि सनआ सरकार ने जो समाधान पेश किया है उस पर सऊदी गठजोड़ के सदस्य देशों ने कोई जवाब नहीं दिया है जबकि यमनी जनता न्यायपूर्ण समाधान और सम्मानजनक शांति की इच्छुक है। ज्ञात रहे कि यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष प्रतिनिधि मार्टिन ग्रिफ़िथ ने रविवार को इस बात का खंडन किया था कि राष्ट्र संघ ने यमन के संघर्षरत पक्षों को शांति योजना का मसौदा दिया है।

यमनइस बीच विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख ने कहा है कि भूख के कारण यमन में दसियों लाख लोगों की जान ख़तरे में है। रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार डेविड बेज़ली ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद से कहा कि अब हमारे सामने एक बड़ी त्रासदी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और वाॅर्निंग बेल कुछ समय से बजना शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की अनदेखी की गई तो अगले महीनों में यमन, विध्वंस भूख की दलदल में धंस जाएगा।